अमरावती से मुंबई के बीच सक्रिय है ‘एमडी ड्रग्ज कॉरिडोर’
ड्रग्ज नेटवर्क का अमरावती से मुंबई कनेक्शन आया सामने

* अब भी 6 ड्रग्ज तस्कर पुलिस के राडार पर, तलाश जारी
अमरावती /दि.21 – विगत कुछ दिनों से अमरावती शहर में एमडी ड्रग्ज की तस्करी व बिक्री का मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है. जिसके चलते ड्रग्ज तस्करों पर शहर पुलिस की विशेष नजर है. इसी बीच अमरावती शहर पुलिस की अपराध शाखा द्वारा विगत 14 मार्च की रात बडनेरा स्थित सरकारी विश्राम गृह के सामने की गई कार्रवाई में मुंबई के अंधेरी परिसर में रहनेवाले एमडी ड्रग्ज के एक बडे तस्कर को रंगेहाथ धर दबोचा गया. साथ ही यह पाया गया कि, इस मामले में कुल 7 आरोपियों में से 4 आरोपी मुंबई से वास्ता रखते है. जिसके चलते अब यह जानकारी उजागर हुई है कि, अमरावती शहर अब मुंबई के ड्रग्ज माफिया के निशाने पर है तथा अमरावती से मुंबई के बीच ड्रग्ज कॉरिडोर सक्रिय है. वहीं इससे पहले लालखडी मार्ग पर करीब 2.80 किलो एमडी ड्रग्ज की जब्ती के मामले में मुंबई के अरबाज उर्फ अरबू तथा आजीन नामक दो एमडी ड्रग्ज वितरकों के नाम सामने आए थे. जिसके चलते मुंबई एवं ठाणे परिसर में रहनेवाले एमडी ड्रग्ज तस्करों की नकेल कसने के लिए अपराध शाखा का एक दल विगत करीब 8 दिनों से मुंबई में ही डेरा जमाए बैठा हुआ है.
अमरावती शहर पुलिस की अपराध शाखा के प्रमुख संदीप चव्हाण द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक मुंबई से एमडी ड्रग्ज की बडी खेप लेकर एक ड्रग्ज तस्कर अमरावती आ रहा था, इस बात की जानकारी मिलते ही पुलिस ने बडनेरा स्थित विश्राम गृह के सामने जाल बिछाते हुए मोहम्मद रफिक मोहम्मद सलिम खान (42, अंधेरी वेस्ट, मुंबई) को गिरफ्तार किया. जिसके साथ अमरावती के छाया नगर परिसर में रहनेवाला सोहेल फिरोज खान (26) भी पुलिस के हत्थे चढा. इन दोनों के पास से पुलिस ने 75.640 ग्राम एमडी पाउडर के साथ ही महंगा आईफोन व बाइक सहित कुल 12 लाख 49 हजार 640 रुपयों का माल जब्त किया था. महज पांच दिनों के भीतर तीन बडी कार्रवाईयां करते हुए अपराध शाखा ने ड्रग्ज तस्करों की नींद उडा दी है. हालांकि इसके बावजूद मुंबई कनेक्शन की वजह से पुलिस के सामने ड्रग्ज तस्करों की काफी बडी चुनौती है. ऐसे में ड्रग्ज तस्करी की जडों को खोजने का प्रयास शहर पुलिस द्वारा किया जा रहा है.
* तीनों फरार आरोपी मुंबई व ठाणे के
जानकारी के मुताबिक ड्रग्ज तस्करी में पकडा गया मोहम्मद रफिक केवल ‘कैरियर’ यानि माल पहुंचाने वाला व्यक्ति है और इस पूरे रैकेट के सूत्र मुंबई में रहनेवाले तीन लोगों के हाथ में रहने की जानकारी जांच के दौरान सामने आई है. जिसके चलते अपराध शाखा ने उन तीनों लोगों के खिलाफ बडनेरा पुलिस थाने में अपराध दर्ज कराया है. जिनमें अजीम शेख (माहिम वेस्ट, मुंबई), शाहरुख जब्बार अन्सारी (नेरुल वेस्ट, ठाणे) व सत्यम गणेश सोनवणे (नेताजी नगर, कुर्ला, मुंबई) का समावेश है. इन तीनों आरोपियों ने ही अमरावती के लिए ड्रग्ज की खेप को रवाना किया था. मुंबई में रहनेवाले इन तीनों बडे ड्रग्ज माफियाओं के हाथ लगते ही अमरावती में ड्रग्ज रैकेट की कमर तोडना संभव हो सकेगा. साथ ही साथ अमरावती शहर में कई ड्रग्ज बिक्रेताओं के नाम भी उजागर होंगे, ऐसी संभावना शहर पुलिस द्वारा जताई गई है.
* गवलीपुरा बना नशे के कारोबार का ‘ट्रांजिट पॉइंट’
ड्रग्ज तस्करी के साथ जुडे अमरावती के स्थानीय आरोपियों का कनेक्शन एक बार फिर शहर के गवलीपुरा क्षेत्र से जुडता नजर आया है. पुलिस द्वारा पकडा गया सोहेल खान एमडी ड्रग्ज की खेप को गवलीपुरा में रहनेवाले साकीब जावेद व आकीब जावेद नामक दो भाईयों के पास पहुंचाने वाला था. ध्यान देनेवाली बात यह भी है कि, इसी गवलीपुरा क्षेत्र से वास्ता रखनेवाले शेख नाजीम हुंगा व शेख रहीम हुंगा नामक पिता-पुत्र भी दो किलो एमडी ड्रग्ज की तस्करी के मामले में इससे पहले पकडे जा चुके है, जो फिलहाल जेल में बंद है. वहीं अब इसी परिसर में रहनेवाले दो सगे भाईयों का नाम एमडी ड्रग्ज तस्करी के साथ जुडता नजर आया है. जिसके चलते माना जा रहा है कि, यह परिसर मादक पदार्थों की तस्करी तथा खरीदफरोख्त का मुख्य अड्डा बना हुआ है. ऐसे में अपराध शाखा के पीआई संदीप चव्हाण के नेतृत्व वाला दल इस समय मुंबई में डेरा जमाते हुए कुल 5 ड्रग्ज तस्करों का पीछा कर रहा है. वहीं गवलीपुरा परिसर से वास्ता रखनेवाले 8 से 10 पेडलर खुद को गिरफ्तारी से बचाने हेतु इस वक्त भूमिगत हो चुके है.