धारणी-परतवाड़ा मार्ग पर फिर हुआ भीषण हादसा
पिकअप खाई में गिरी, 2 मजदूरों की मौत, 6 घायल

* मृतकों में एक महिला व एक युवती का समावेश
* दोनों मृतक एक ही गांव की थी रहनेवाली
* लवादा गांव के पास अलई नदी के पुल के समीप हुई दुर्घटना
* तरबूज व खरबूज की तुडाई के लिए जा रहे थे सभी मजदूर
धारणी/दि.31 – बेहद संकरे, पहाडी एवं घुगावदार रहनेवाले धारणी-परतवाड़ा मार्ग पर आज मंगलवार 31 मार्च को एक बार फिर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ. जिसमें दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक समेत छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. यह हादसा लवादा गांव के पास अलई नदी के पुल के समीप हुआ, जब मजदूरों को लेकर जा रही पिकअप गाड़ी अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी. मृतकों की पहचान समाय चुनीलाल सावलकर (40) और मालती मिठाराम भिलावेकर (18, दोनों निवासी लवादा) के रूप में हुई है. एक ही गांव के दो लोगों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है. हादसे में पिकअप वाहन चालक राम रविंद्र कोल्हे गंभीर रूप से घायल हुआ. जिसे पहले धारणी के उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए अमरावती रेफर किया गया. अन्य घायलों में सुष्मिता रामचरण जांभेकर (20), अस्मिता रामेश्वर जांभेकर (16), ममता राजेश कासदेकर (26) सहित अन्य मजदूर शामिल हैं, जिनका इलाज धारणी उपजिला अस्पताल में जारी है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी मजदूर सुबह पिकअप वाहन से तरबूज और खरबूज भरने के लिए खेत की ओर जा रहे थे. इसी दौरान अलई नदी पुल के पास वाहन का संतुलन बिगड़ गया और गाड़ी सीधे खाई में जा गिरी. जिसके चलते वाहन में सवार एक महिला व एक युवती की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं 6 महिला व पुरुष मजदूर घायल हो गए. घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू किया. घायलों को बाहर निकालकर एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया.
इस बीच क्षेत्र के विधायक केवलराम काले उपजिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना. उन्होंने पीड़ितों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया. लगातार हो रहे सड़क हादसों के कारण मेलघाट क्षेत्र में सड़क सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर गंभीर बन गया है. बता दें कि, करीब एक माह पहले भी रानी गांव-कंजोली मार्ग पर इसी तरह पिकअप खाई में गिरने से पांच लोगों की मौत हो चुकी है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पहाड़ी और खतरनाक सड़कों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके.





