मेलघाट में बाघ-मानव संघर्ष का एक और शिकार
हिराबंबई में बाघ के हमले में युवक की मौत

* दोनों बेटों के सामने बाघ ने किया पिता का शिकार
* बैल खोजने जंगल में जाते समय हुई घटना, क्षेत्र में दहशत
धारणी (अमरावती)/दि.29- मेलघाट व्याघ्र परियोजना अंतर्गत सुसर्दा वन परिक्षेत्र में बाघ के हमले में एक और निर्दोष ग्रामीण की जान चली गई. इस घटना से पूरे मेलघाट क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है. लगातार हो रहे बाघ हमलों को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह सुसर्दा वन परिक्षेत्र के पूर्व हिराबंबई बीट अंतर्गत वन कक्ष क्रमांक 1173 में यह दर्दनाक घटना घटी. हिराबंबई निवासी सीताराम बंसीलाल गुथर्या (40) का बैल पिछले दो-तीन दिनों से लापता था. बैल की तलाश में सीताराम अपने दो नाबालिग बेटों के साथ जंगल में गए थे. उनके साथ बेटा उमेश गुथर्या (कक्षा 8वीं) और महेश गुथर्या (कक्षा 7वीं) मौजूद थे. इसी दौरान घात लगाकर बैठे बाघ ने अचानक सीताराम गुथर्या पर प्राणघातक हमला कर दिया और उन्हें घसीटते हुए घने जंगल में ले गया. इस भयावह दृश्य को देखकर दोनों बच्चे जान बचाकर गांव की ओर भागे और परिजनों को घटना की सूचना दी. इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस प्रशासन तथा मेलघाट क्षेत्र के पूर्व विधायक राजकुमार पटेल, कृषि उत्पन्न बाजार समिति के सभापति रोहित पटेल और सामाजिक कार्यकर्ता वहीद खान घटनास्थल पर पहुंचे. सुसर्दा वन परिक्षेत्र अधिकारी अंजना बनसोड, पुलिस निरीक्षक अवतारसिंह चव्हाण, पीएसआई सतीश झालटे, कृष्णा जामुनकर, जगत तेलगोटे सहित वन व पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे. पूर्व विधायक राजकुमार पटेल के हस्तक्षेप से मृतक सीताराम गुथर्या का शव पोस्टमार्टम के लिए धारणी उपजिला अस्पताल भेजा गया.
* वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश
घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ तीव्र नाराजगी व्यक्त की. बार-बार हो रहे बाघ हमलों के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल है. ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग द्वारा प्रभावी रोकथाम के उपाय नहीं किए जा रहे हैं.
* पूर्व विधायक राजकुमार पटेल की तत्काल पहल
घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक राजकुमार पटेल और सभापति रोहित पटेल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे. आक्रोशित ग्रामीणों को शांत करते हुए राजकुमार पटेल ने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर चर्चा की. उन्होंने मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा संबंधित बाघ को तत्काल पकड़कर अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की.
* अधिकारी का बयान
सुसर्दा वन परिक्षेत्र अधिकारी अंजना बनसोड ने बताया कि उत्तर हिराबंबई बीट के वन कक्ष क्रमांक 1173 में बाघ के हमले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए धारणी उपजिला अस्पताल भेजा गया है. आगे की कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की जाएगी. उन्होंने नागरिकों से जंगल क्षेत्र में जाने से बचने और सतर्क रहने की अपील की है.





