पिता के मंत्रीपद पर संकट आते ही बेटे ने किया आत्मसमर्पण
डेढ़ महीने बाद पुलिस के सामने हाजिर हुए विकास गोगावले

महाड (रायगढ़)/दि.23 – महाड नगरपालिका चुनाव के दौरान हुए हिंसक विवाद वाले प्रकरण में फरार चल रहे विधायक भरत गोगावले के पुत्र विकास गोगावले आखिरकार डेढ़ महीने बाद पुलिस के सामने स्वयं हाजिर हो गए हैं. न्यायालय के सख्त आदेश के बाद उन्होंने महाड शहर पुलिस थाने में आत्मसमर्पण किया.
बता दें कि, नगरपालिका चुनाव प्रचार के दौरान दो राजनीतिक गुटों के बीच बड़ा संघर्ष हुआ था, जिसमें विकास गोगावले पर गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किए गए थे. जांच शुरू होने के बाद से वे गिरफ्तारी के डर से फरार चल रहे थे. पुलिस ने उनकी तलाश में कई जगह छापेमारी की, लेकिन वे पकड़ में नहीं आ सके. साथ ही गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए विकास गोगावले ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन 22 जनवरी को न्यायालय ने उन्हें कोई संरक्षण देने से इनकार कर दिया और तत्काल पुलिस के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया. अदालत ने यह सवाल भी उठाया कि जब बेटे पर इतने गंभीर आरोप हैं, तब पिता भरत गोगावले मंत्री पद पर कैसे बने रह सकते हैं. इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई.
ज्ञात रहे कि, भरत गोगावले सत्तारूढ़ दल के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं. ऐसे में उनके बेटे का आत्मसमर्पण न केवल कानूनी, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है. अब पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर सकती है और पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत की मांग भी संभव है. विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल कानून व्यवस्था का नहीं, बल्कि सत्ता और जवाबदेही से जुड़ा हुआ है. न्यायालय की टिप्पणी के बाद सरकार पर भी नैतिक दबाव बढ़ा है, जिससे मंत्री पद को लेकर राजनीतिक संकट गहराने की संभावना जताई जा रही है.





