नये केस में अशोक खरात को पीसीआर

आयटी हब और रेप केस में बढी मुश्किलें

नाशिक/ दि.9- नाशिक में चर्चित आईटी हब और अत्याचार मामले के मुख्य संदिग्ध भोंदूबाबा अशोक खरात की मुश्किलें बढ़ गई हैं. खरात को आज नाशिक सत्र न्यायालय ने तीसरे मामले में 5 दिन की पुलिस हिरासत सुनाई है. इससे पहले दूसरे मामले में 7 दिन की हिरासत पूरी होने के बाद उसे न्यायाधीश बी. एन. इचपुराणी की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया था.सुनवाई के दौरान जांच अधिकारियों ने अदालत में खरात की कार्यप्रणाली का खुलासा किया. आरोपी लोगों को नकली सांप और बाघ का डर दिखाकर लूटता था. मंत्रित पत्थर और चिंचोके बेचकर उसने कई लोगों को ठगा है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि महिलाओं को वश में करने के लिए वह उन्हें खास प्रकार का द्रव्य या पेढ़े खिलाता था. इन पदार्थों में आखिर क्या मिलाया जाता था और यह कहां से लाया जाता था, इसकी जांच करना जरूरी है, ऐसा पुलिस ने अदालत में बताया.सरकारी वकील का तर्क: आरोपी सहयोग नहीं कर रहा!सरकारी वकील ने 7 दिन की हिरासत की मांग करते हुए कहा कि आरोपी बेहद चालाक है और जांच में सहयोग नहीं कर रहा है. उसके पास से जब्त किए गए पेनड्राइव और लैपटॉप की जानकारी के आधार पर उसकी आमने-सामने पूछताछ करनी है. साथ ही नकली पत्थर सप्लाई करने वाले महेश कलंत्री के साथ उसके संबंधों और अपराध में इस्तेमाल सामग्री का पता लगाना बाकी है, ऐसा वकील ने कहा.बचाव पक्ष का विरोधआरोपी के वकील सचिन भाटे ने पुलिस हिरासत का जोरदार विरोध किया. इस मामले की जांच पहले से ही एसआईटी कर रही है. नकली सांप, नाग और पत्थरों के मुद्दे पहले की जांच में भी सामने आ चुके हैं. एक ही विषय पर बार-बार हिरासत की जरूरत क्या है? ऐसा सवाल उन्होंने उठाया. साथ ही अपराध की अवधि और पेनड्राइव की जब्ती पर भी उन्होंने संदेह जताया.न्यायालय का फैसलादोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अपराध की गंभीरता और जांच में अधूरे कड़ियों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने अशोक खरात को 5 दिन की पुलिस हिरासत सुनाई है. इस दौरान उससे ‘आईटी जिहाद’ और महिलाओं पर अत्याचार के संदर्भ में और कौन से सुराग मिलते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं.

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