मेलघाट के मुद्दों पर प्रहार प्रमुख बच्चू कड़ू की हुंकार
कर्जमाफी से लेकर वन्यप्राणी हमलों तक 50 से अधिक मांगें, सरकार को समयसीमा का अल्टीमेटम

अमरावती /दि.18- प्रहार जनशक्ति पार्टी के संस्थापक व पूर्व राज्यमंत्री बच्चू कड़ू ने मेलघाट व दुर्गम क्षेत्रों के ज्वलंत मुद्दों पर विस्तृत पत्रकार परिषद आयोजित कर राज्य सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि मेलघाट के आदिवासी, किसान और मजदूर वर्षों से बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. यदि निर्धारित समयसीमा में मांगें पूरी नहीं की गईं तो राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा. कड़ू ने कहा कि सरकार ने 30 जून 2026 तक कर्जमाफी का वादा किया था. 15 मार्च 2026 तक पात्र किसानों की सूची जारी की जाए तथा वर्ष 2025-26 में सूखा व समर्थन मूल्य न मिलने के कारण इस वर्ष की भी कर्जमाफी लागू की जाए. 28 फरवरी 2026 तक सरकार को इस पर आधिकारिक घोषणा करनी चाहिए.
आज यहां बुलाई गई पत्रवार्ता में पूर्व राज्यमंत्री बच्चू कडू ने मांग उठाई कि पेराई से कटाई तक सभी कृषि कार्य मनरेगा में शामिल किए जाएं. मजदूरी सात दिन के भीतर खाते में जमा हो, देरी होने पर ब्याज दिया जाए. रोजगार की सीमा 100 दिनों से बढ़ाकर 200 दिन की जाए तथा नेटवर्क की समस्या के कारण ऑनलाइन हाजिरी की अनिवार्यता समाप्त की जाए. मेलघाट में बढ़ते वन्यप्राणी हमलों को गंभीर बताते हुए कड़ू ने मृतकों के परिजनों को 50 लाख मुआवजा, स्थायी दिव्यांगता पर 25 लाख, गंभीर घायल को 15 लाख और पशुधन हानि पर 1 लाख देने की मांग की. आठ दिन में मुआवजा नहीं मिलने पर ब्याज देने की भी मांग की गई. साथ ही त्वरित प्रतिक्रिया दल (रेपिड रिस्पॉन्स टीम) और एआई कैमरे लगाने का प्रस्ताव रखा.
चिखलदरा और धारणी के 20 गांवों में अब तक बिजली नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताते हुए पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने खराब पड़े सोलर कृषि पंपों की मरम्मत या पारंपरिक बिजली कनेक्शन देने की मांग की तथा स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर लगाने का भी प्रस्ताव रखा गया. मेलघाट में डॉक्टरों के रिक्त पद भरने, सीटी स्कैन, एमआरआई व रक्त बैंक की सुविधा उपलब्ध कराने, धारणी में महिला अस्पताल और चुर्णी में उपजिला अस्पताल बनाने की मांग उठाने के साथ ही पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने शिक्षा क्षेत्र में शिक्षक पद भरने, पोषाहार में फलों का समावेश, आश्रम शालाओं का दर्जा सुधारने और भेदभाव रोकने की मांग की. साथ ही जलशुद्धिकरण संयंत्र, नदी-नालों पर बांध, लिफ्ट सिंचाई योजना और दुर्गम गांवों में सड़क निर्माण की मांग करते हुए परिवहन के लिए बड़ी बसों की जगह छोटी बस, जीप सेवा शुरू करने की बात कही.
इस पत्रवार्ता में ही उन्होंने आदिवासी बहुल मेलघाट क्षेत्र में चुर्णी को स्वतंत्र तहसील घोषित करने, मेलघाट को भौगोलिक आधार पर स्वतंत्र निर्वाचन क्षेत्र बनाने, घरकुल योजना में 50 हजार की वृद्धि करने, संजय गांधी, श्रावणबाल, दिव्यांग व अन्य योजनाओं में 500 अतिरिक्त अनुदान देने, आदिवासी विवाह हेतु रानी दुर्गावती विवाह योजना लागू करने की मांग भी उठाई. पत्रकार परिषद में बच्चू कड़ू ने कहा कि मेलघाट के सवाल केवल विकास नहीं, बल्कि अस्तित्व का प्रश्न हैं. यदि सरकार ने तय समयसीमा में ठोस निर्णय नहीं लिया तो प्रहार पार्टी व्यापक आंदोलन करेगी.





