मनपा को नाहक बदनाम करने की कोशिश
संदिग्ध प्रमाणपत्र में मनपा का एक भी नहीं

* नेता प्रतिपक्ष विलास इंगोले का दावा
* स्वास्थ्य अधिकारी विशाल काले का दिया हवाला
* मामला किरीट सोमैया की मनपा में बैठक लेने का
अमरावती /दि.24 – महापालिका के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस गट नेता विलास इंगोले ने आज दोपहर दावा किया कि, संदिग्ध जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र में महापालिका से जारी एक भी प्रमाणपत्र नहीं है. खुद मनपा के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विशाल काले ने यह बात स्वीकार की है. ऐसे में बीजेपी लीडर किरीट सोमैया की मनपा में विशेष बैठक लगाने का क्या मतलब है? यह प्रश्न उठाते हुए विलास इंगोले ने कहा कि, महापालिका को नाहक बदलाम करने और विवादों में घसीटने की कोशिश हो रही है.
उल्लेखनीय है कि, पिछले सप्ताह महापालिका की प्रथम आमसभा पश्चात मुंबई भाजपा के बडे नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया की मनपा प्रशासन के साथ बैठक हुई. जिसमें कथित जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के बारे में चर्चा की गई. इस पर कांग्रेस सहित अन्य दलों ने आक्षेप उठाये. कांग्रेस नगरसेवक बबलू शेखावत ने मनपा आयुक्त से इस संबंध में खुलासा करने की मांग रखी. ऐसे में आज दोपहर विलास इंगोले ने मनपा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विशाल काले के स्वीकारोक्ति का बम फोड दिया.
नेता प्रतिपक्ष और महापालिका के सर्वाधिक अनुभवी लीडर विलास इंगोले ने विशाल काले के साथ हुई बातचीत के आधार पर दावा किया कि, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र में जाली दस्तावेजों या अन्य किसी संशय की बात किरीट सोमैया कर रहे हैं. उनमें महापालिका से जारी एक भी प्रमाणपत्र का मामला नहीं है. स्वयं विशाल काले ने यह बात उन्हें बतायी है. ऐसे में विलास इंगोले ने भी किरीट सोमैया की मनपा में आहूत बैठक पर प्रश्न उपस्थित किये. उन्होंने मनपा को नाहक घसीटने का आरोप किया.
विलास इंगोले ने दावा किया कि, सोमैया द्वारा कथित 800 झूठे जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र अमरावती तहसील अंतर्गत है. मनपा का एक भी मामला नहीं है. फिर मनपा ने किस आधार और अधिकार से बैठक ली गई, चर्चा की गई? उन्होंने बताया कि, डॉ. विशाल काले ने ही पुराने 50-60 प्रमाणपत्रों के विषय में पुलिस में एफआईआर दर्ज करा रखी है. पुलिस जांच जारी है. नया एक भी प्रकरण न होने के बावजूद मनपा में बैठक बुलाना और उसमें तहसीलदार, जिलाधीश कार्यालय के अधिकारियों को आमंत्रित करना कहां तक नियम के अनुसार है?





