‘एवरेस्ट बेस कैंप’ तक ट्रैक करने वाले बच्चू कडू बनेंगे पहले राजनेता!
जिले में सर्वत्र हो रही चर्चा

* फरवरी में कर चुके हैं 210 किमी लंबी मेलघाट पैदल यात्रा
अमरावती/दि.13 – माउंट एवरेस्ट केवल पर्वतारोहियों को ही नहीं, बल्कि आम लोगों को भी आकर्षित करने वाला दुनिया का सबसे ऊंचा शिखर है! एवरेस्ट बेस कैंप तक ट्रैक करना भी एक अद्भुत अनुभव माना जाता है. पर्वतारोहियों की दुनिया, उनकी दिनचर्या, चुनौतियों का सामना करने की जिद, साहस-रोमांच का जुनून और इसके लिए अभ्यास व तैयारी-इन सबको लेकर लोगों में हमेशा उत्सुकता रहती है. इसी उत्सुकता से बच्चू कडू ने एवरेस्ट बेस कैंप तक ट्रेक करने का निर्णय लिया. उन्होंने अपने सफर की शुरुआत की और वीडियो के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए.
* बच्चू कडू ने क्या कहा?
एवरेस्ट बेस कैंप तक ट्रेक के अनुभव पर बच्चू कडू ने कहा, हम बुद्धभूमि नेपाल आए हैं. इस ट्रैक के लिए हमने दो-तीन महीने अभ्यास किया. हिमालय में सीधी चढ़ाई करनी पड़ती है. चरणबद्ध तरीके से ऊंचाई हासिल करते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं. बहुत थकान होती है, सांस फूलती है. तीन-चार चुनौतियां बहुत महत्वपूर्ण हैं. कड़ाके की ठंड है, लेकिन चलते रहने से शरीर गर्म रहता है. इस समय तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस है. ऐसे तापमान में स्थिति कैसी होती होगी, आप सोच सकते हैं. साथ ही ऑक्सीजन की कमी भी है, जिससे सांस लेने में परेशानी होती है. रात में नींद भी नहीं आती. मैंने अब तक दो पदयात्राएं की हैं-वे सार्वजनिक जीवन के लिए थीं, किसानों, मजदूरों और दिव्यांगों के अधिकारों के लिए थीं. यह पदयात्रा व्यक्तिगत है, अपने आनंद के लिए है. साथ में क्या ले जाना है, तो मैंने संविधान और भगवद्गीता साथ ले जाने का तय किया.
* ट्रैकिंग के दौरान क्या अनुभव मिले?
बच्चू कडू ने कहा, हम हिमालय की गोद में हैं और पर्वत चढ़ रहे हैं. पहले हमने हिमालय को सिर्फ हवाई जहाज से देखा था. अभी बर्फबारी हो रही है, बहुत ठंड है. यह शारीरिक क्षमता की परीक्षा है, लेकिन इस मेहनत में आनंद भी है. हिमालय में बर्फबारी के बीच पैदल चलने का विचार मैंने पहले कभी नहीं किया था. राजनीति की व्यस्तता में व्यक्तिगत जीवन छूट गया था. दो पदयात्राएं लोगों के लिए थीं, यह सिर्फ अपने लिए है. बताया जा रहा है कि बच्चू कडू सोमवार शाम तक एवरेस्ट बेस कैंप पहुंच जाएंगे. वहां पहुंचने वाले पहले राजनीतिक नेता बनने का दावा उनके समर्थकों द्वारा किया जा रहा है. सोशल मीडिया सहित सर्वत्र उनके इस अभियान की चर्चा शुरू हो गई है.





