वडेट्टीवार के आरोपों पर बावनकुले का खुला चैलेंज

अधिकारियों को उनकी पत्नियों की अदलाबदली करने लगा था खरात

* कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वडेट्टीवार ने लगाया सनसनीखेज आरोप
* मंत्री बावनकुले ने आरोप के सबूत पेश करने की दी चुनौती
* सेना उबाठा सांसद राऊत बोले, सबूत होंगे तभी बोले होंगे
नाशिक/दि.31 – नाशिक के चर्चित अशोक खरात प्रकरण को लेकर इस समय महाराष्ट्र की राजनीति जमकर गरमाई हुई है. इसी बीच खरात के दबाव में आकर कुछ सरकारी अधिकारियों द्वारा अपनी पत्नियों की ‘अदला-बदली’ करते हुए उनसे शारीरिक संबंध रखने जैसे गंभीर आरोप सामने आने के बाद अब इस मामले ने बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि अशोक खरात के पास कई वरिष्ठ अधिकारी जाते थे और वह कथित रूप से अधिकारियों को एक-दूसरे की पत्नियों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था. इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हड़कंप मच गया है. कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता व राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने खुली चुनौती देनेवाले अंदाज में कहा कि यदि वडेट्टीवार के पास ठोस सबूत हैं, तो वे सीधे मुख्यमंत्री या जांच एजेंसियों को सौंपें. क्योंकि मीडिया के सामने बयान देने से कुछ भी नहीं होगा.
मंत्री बावनकुले ने इस पूरे मामले को लेकर कहा कि, यदि इस मामले में किसी अधिकारी की संलिप्तता है, तो उसका नाम सामने लाया जाए. उसकी सरकार निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करेगी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस संवेदनशील मामले में बिना प्रमाण के बयान देने से जांच प्रभावित हो सकती है और अधिकारियों के परिवारों की प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ता है. बावनकुले ने वडेट्टीवार से कहा कि वे संबंधित अधिकारियों के नाम और जानकारी लिखित रूप में दें, ताकि सरकार तत्काल कार्रवाई कर सके. उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा.
वहीं दूसरी ओर शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राऊत ने कहा कि वडेट्टीवार जैसे वरिष्ठ नेता बिना जानकारी के इस तरह का बयान नहीं देंगे. राऊत ने कहा कि संभव है उनके पास इस मामले से जुड़े सबूत हों और जांच एजेंसियों को इसकी गहराई से जांच करनी चाहिए. इसके अलावा सांसद संजय राऊत ने कहा कि, जिस तरह से एपस्टीन फाइल मामले में दुनियाभर के बडे-बडे नेताओं के नामों का समावेश था, उसी तरह से खरात वाले मामले में भी कई राजनेता, उद्योगपति तथा आईएएस व आईपीएस जैसे लोग फंसे हुए है. जिसके चलते जेल में भी अशोक खरात का विशेष ध्यान रखा जाएगा, इसकी पूरी संभावना है.
ऐसे में अब सभी की निगाहें इस मामले की जांच पर टिकी हुई है. साथ ही अब इस पूरे प्रकरण में यह देखना अहम होगा कि क्या वडेट्टीवार अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करते हैं और सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है. फिलहाल, यह मुद्दा राज्य की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है.

जेल में कराई जा सकती है खरात की हत्या, मामले को दिखाया जा सकता है आत्महत्या
– विधायक रोहित पवार ने किया सनसनीखेज दावा
इसी बीच शरद पवार गुट वाली राकांपा के नेता व विधायक रोहित पवार ने अपने एक्स अकाउंट पर साझा की गई पोस्ट में दावा किया है कि, अशोक खरात के पास कई लोगों की काफी सारी जानकारियां है और उसके कनेक्शन कई बडे-बडे नेताओं तक पहुंच रहे है. जिसके चलते फिलहाल जेल में बंद रहनेवाले अशोक खरात का सुनियोजित तरीके से ‘गेम बजाया’ जा सकता है और अशोक खरात की मौत को आत्महत्या भी दर्शाया जा सकता है. ताकि बडे-बडे लोगों से जुडे राज अशोक खरात के साथ ही खत्म हो जाए. इसके साथ ही विधायक रोहित पवार ने यह दावा भी किया कि, अजीत पवार के साथ हुए हवाई हादसे की पूरी जानकारी रहनेवाले बी. के. सिंग को सत्ता पक्ष द्वारा हर हाल में बचाया जा रहा है. जबकि सत्ता पक्ष के लिए सिरदर्द साबित हो सकनेवाले अशोक खरात को जेल में ही किसी भी वक्त सुनियोजित तरीके से निपटाया जा सकता है.

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