महाराष्ट्र के किसानों के लिए बड़ी घोषणा

जल्द होगी कर्जमाफी

* कृषि मंत्री भरणे ने बताई समय-सीमा
मुंबई /दि.5- महाराष्ट्र के कर्जग्रस्त किसानों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने की संभावना है. राज्य सरकार किसानों के लिए ऐतिहासिक कर्जमाफी की घोषणा करने की तैयारी में है. कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने विधान परिषद में जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार 30 जून से पहले किसान कर्जमाफी को लेकर बड़ा फैसला घोषित करेगी.
राज्य में चल रहे बजट सत्र के दौरान उन्होंने बताया कि कर्जमाफी के मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेने से पहले सरकार ने एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है. यह समिति वरिष्ठ अधिकारी प्रवीण परदेशी की अध्यक्षता में कार्य कर रही है. सरकार द्वारा गठित यह समिति राज्य में कर्जग्रस्त किसानों की वास्तविक संख्या, कर्ज का प्रकार, बैंकों की भूमिका तथा कर्जमाफी से राज्य की वित्तीय स्थिति पर पड़ने वाले संभावित भार का विस्तृत अध्ययन कर रही है. समिति की रिपोर्ट अप्रैल के पहले सप्ताह में सरकार को सौंपे जाने की संभावना है.
रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के मार्गदर्शन में अंतिम निर्णय लिया जाएगा और 30 जून से पहले कर्जमाफी की घोषणा की जाएगी.
* आधुनिक तकनीक से खेती को बनाएंगे मजबूत
कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार केवल कर्जमाफी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि खेती को अधिक टिकाऊ और आधुनिक बनाने के लिए ‘माय एग्री’ नामक नई नीति लागू की जाएगी. इसके तहत किसानों को मौसम और कीट-रोगों की पूर्व सूचना दी जाएगी. ड्रोन, रोबोटिक्स और जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से सिंचाई और उर्वरक प्रबंधन को बेहतर बनाया जाएगा. इसके साथ ही राज्य के चारों कृषि विश्वविद्यालयों में एआई आधारित अनुसंधान और इन्क्यूबेशन केंद्र स्थापित करने की योजना भी सरकार बना रही है.
* किसानों की अन्य मांगों पर भी विचार
कृषि मंत्री ने बताया कि प्याज और दूध को उचित मूल्य दिलाने के मुद्दे पर छावा क्रांतिवीर संगठन के साथ बैठक हुई है. यह विषय भले ही दुग्ध विकास और विपणन विभाग से जुड़ा हो, लेकिन एक कृषि मंत्री के रूप में वह स्वयं इसका अनुसरण करेंगे और किसानों की मांगों को न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि खरीफ 2025-26 से राज्य में उत्पादन आधारित संशोधित फसल बीमा योजना लागू की गई है. अब मुआवजा केवल वर्षा के अनुमान पर नहीं बल्कि वास्तविक उत्पादन में हुई कमी के आधार पर दिया जाएगा. सरकार के अनुसार पिछले नौ वर्षों में किसानों को लगभग 37,500 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है. नियमों में बदलाव के बाद अब अतिरिक्त 15,661 करोड़ रुपये की मदद भी किसानों तक पहुंचाने की तैयारी है.

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