भाजपा पार्षदों की पालकमंत्री के साथ ‘वन टू वन’ बैठक

30 को होनेवाले महापौर-उपमहापौर चुनाव हेतु सत्ता समीकरणों पर मंथन तेज

* मनपा में महायुति की सरकार ही बनने के स्पष्ट संकेत
अमरावती/दि.24 – अमरावती महानगरपालिका में सत्ता गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं. भाजपा नगरसेवकों की पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के साथ होने वाली बैठक को सत्ता संतुलन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. वहीं महापौर और उपमहापौर पद के चुनाव 30 जनवरी को संपन्न होने जा रहे हैं, जिससे राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है. महानगरपालिका चुनाव में 25 सीटें जीतकर भाजपा सबसे बड़ा दल बनकर उभरी है, लेकिन पूर्ण बहुमत न होने के कारण उसे सत्ता स्थापित करने के लिए सहयोगी दलों की आवश्यकता है. इसी रणनीति के तहत पालकमंत्री बावनकुले ने आज शनिवार 24 जनवरी को अमरावती के दौरे पर पहुंचने के बाद भाजपा के नव-निर्वाचित नगरसेवकों से ‘वन-टू-वन’ चर्चा करने का निर्णय लिया. जिसके बाद ही मंत्री बावनकुले एवं भाजपा द्वारा आगे की राजनीतिक दिशा तय की जाएगी.
* सत्ता की बिसात पर गहन मंथन
पालकमंत्री के इस दौरे को महापौर पद की दावेदारी के संदर्भ में बेहद अहम माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, वे चुनिंदा पार्टी पदाधिकारियों के साथ संभावित महापौर उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा करेंगे. चूंकि इस बार महापौर पद सर्वसाधारण वर्ग के लिए आरक्षित है, इसलिए कई वरिष्ठ नेताओं की नजर इस पद पर टिकी हुई है. इस बैठक के दौरान भाजपा के पराजित उम्मीदवारों से भी संवाद स्थापित किया जाएगा, जिससे संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने और असंतोष को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है.
* 30 जनवरी को चुनाव, जिलाधिकारी होंगे पीठासीन अधिकारी
बता दें कि, महापौर और उपमहापौर पद का चुनाव 30 जनवरी को सुबह 11 बजे विशेष सभा में होगा. इस बैठक के लिए जिलाधिकारी आशीष येरेकर को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है. विभागीय आयुक्त श्वेता सिंघल ने सभी औपचारिक प्रक्रियाओं को नियमानुसार संपन्न कराने के निर्देश जारी किए हैं.
* महापौर भाजपा का ही होगा, विधायक रवि राणा का दावा
इसी बीच युवा स्वाभिमान पार्टी के विधायक रवी राणा ने दावा किया है कि अमरावती में महापौर भाजपा का ही बनेगा, और यह एक लाख प्रतिशत सुनिश्चित है. उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व में महायुति का गठन होगा और सत्ता स्थापित करने के लिए आवश्यक संख्या बल (44) से अधिक, लगभग 48 सदस्यों का समर्थन उनके पास है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पालकमंत्री बावनकुले से इस विषय पर पहले ही चर्चा हो चुकी है.
* मनपा की सत्ता के लिए जमकर राजनीतिक खींचतान
भाजपा, युवा स्वाभिमान पार्टी, शिंदे सेना, बसपा और उद्धव गुट को मिलाकर 48 सदस्यों का आंकड़ा जुटाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है. वहीं कांग्रेस भी पर्दे के पीछे सहयोगी दलों के साथ समीकरण बैठाने में जुटी है, ताकि सत्ता में हिस्सेदारी मिल सके. हालांकि अंतिम फैसला 44 के जादुई आंकड़े पर निर्भर करेगा. अमरावती महानगरपालिका में सत्ता की बिसात पर फिलहाल तीव्र राजनीतिक शतरंज खेली जा रही है. भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में मजबूत स्थिति में है, लेकिन सत्ता की चाबी सहयोगियों के हाथ में है. पालकमंत्री की बैठक और 30 जनवरी का चुनाव यह तय करेगा कि शहर की सत्ता की कमान किसके हाथ में जाएगी और किस रणनीति की जीत होगी.

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