मंत्रालय में रिश्वतखोरी का स्टिंग!
एक लाइन 50 हजार, दो लाइन 1 लाख

* गुप्त कोड का दावा, मंत्री कार्यालय पर उठे सवाल
मुंबई /दि.19- मंत्रालय के तीसरे माले पर स्थित खाद्य एवं औषध प्रशासन विभाग में कथित रिश्वतखोरी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. भ्रष्ट्राचार प्रतिबंधक विभाग ने एक कर्मचारी को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा, जिसके बाद राज्य के खाद्य एवं औषध प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवल के कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं.
स्टिंग ऑपरेशन करने वाले निर्मल शर्मा ने दावा किया कि विभाग में फाइलों पर बनाई जाने वाली लाइन ही रिश्वत का कोड थी, एक लाइन 50 हजार रुपये व दो लाइन 1 लाख रुपये. उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में मंत्री के निजी सचिव डॉ. रामदास गाडे और लिपिक राजेंद्र ढेरिंगे शामिल थे. शर्मा के अनुसार उनके मेडिकल स्टोर का लाइसेंस एक माह के लिए निलंबित किया गया था. इसके खिलाफ उन्होंने मंत्रालय में अपील दाखिल की. सुनवाई के दौरान आरोप है कि फाइल देखे बिना उस पर दो लाइन खींच दी गई और बाद में 1 लाख 10 हजार रुपये की मांग की गई, जिसमें 1 लाख ऊपर और 10 हजार स्वयं के लिए बताए गए. मोलभाव के बाद रकम 55 हजार पर तय हुई. 2 हजार रुपये ऑनलाइन व 53 हजार रुपये नकद दिए गए. एक कथित वीडियो में ऊपर तक पैसे जाते हैं जैसी बात भी कही गई होने का दावा किया गया है.
* मंत्री से मिलने नहीं दिया, फिर उसी कक्ष में भेजा
शर्मा ने बताया कि बाद में जब वे मंत्री से मिलने पहुंचे तो कर्मचारियों ने उन्हें मिलने नहीं दिया और पुनः संबंधित अधिकारियों के पास भेज दिया. उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत देने की भी जानकारी दी है. स्टिंग करने वाले का दावा है कि मंत्रालय में आने वाले लगभग 90 प्रतिशत लोगों से पैसे लिए जाते हैं, हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर केवल संबंधित दो कर्मचारियों से ही लेन-देन देखने की बात कही.
इस पूरे घटनाक्रम से प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है. एसीबी की कार्रवाई के बाद आगे की जांच में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.





