
बुलडाणा/दि.4– प्रतिवर्ष अक्षय तृतीया पर्व के दूसरे दिन पूरे महाराष्ट्र राज्य का ध्यान भेंडवल की भविष्यवाणी की ओर लगा रहता है. क्योेंकि इस भविष्यवाणी में बारिश, फसल, रोगराई व सत्ता परिवर्तन जैसे विभिन्न विषयों को लेकर संकेत व्यक्त किये जाते है. इस वर्ष भेंडवल की भविष्यवाणी से संकेत मिले है कि, इस बार जून, अगस्त व सितंबर माह में शानदार बारिश होगी. वहीं जुलाई माह में अपेक्षाकृत कम लेकिन समाधानकारक बारिश होगी. साथ ही इस बार देश में फसलों की स्थिति अच्छी रहेगी और कपास, ज्वार, उडद व चने की उपज अच्छी रहकर इन फसलों को अच्छे भाव भी मिलेगे. वहीं मटर, बाजरा व गेहूं की उपज ठीकठाक रहेगी. इसके अलावा राजनीतिक क्षेत्र को लेकर भेंडवल की भविष्यवाणी से संकेत मिले है कि, आगामी वर्ष के दौरान कोई सत्ता परिवर्तन नहीं होगा और ‘राजा’ अपने स्थान पर कायम रहेगा. हालांकि देश कुछ हद तक आर्थिक समस्याओं व दिक्कतों से जरूर जूझेगा. इसके अलावा स्वास्थ्य एवं बीमारियों को लेकर भेंडवल की भविष्यवाणी में कहा गया है कि, इस बार सभी का स्वास्थ्य अच्छी स्थिति में रहेगा और संक्रामक महामारी का नाश होगा.
बता देें कि, करीब 350 वर्षों से बुलडाणा जिले के भेंडवल गांव में चली आ रही इस परंपरा और इसके जरिये होनेवाली भविष्यवाणी को लेकर किसानों में सबसे अधिक उत्सूकता रहती है. यह भविष्यवाणी बुलडाणा जिले के भेंडवल गांव में अक्षय तृतीया के अगले दिन की जाती है. जिसके लिए अक्षय तृतीयावाले दिन 18 प्रकार के अनाज भरकर छोटे-छोटे मटकोें में गोलाकार पध्दति से रखे जाते है और सभी घटों के बीचों-बीच थोडा गहरा गढ्ढा खोदकर उस पर बारिश के चार माह का प्रतिक रहनेवाले मिट्टी के चार ढेकले रखते हुए उस पर पानी से भरी गगरी रखी जाती है तथा इस गगरी पर पापड, भजिये, वडा, सांडोली, कुरडई एवं पान के बीडे व सुपारी रखकर प्रतिकात्मक ‘मांडणी’ की जाती है तथा अगले दिन इस घट में हुए बदलाव के आधार पर भविष्यवाणी की जाती है. भेंडवल गांव में यह परंपरा करीब 350 वर्ष पूर्व चंद्रभान महाराज वाघ द्वारा शुरू की गई थी. जिसका निर्वहन करते हुए वाघ घराणे के वंशज प्रतिवर्ष अक्षय तृतीया को सूर्यास्त से पहले गांव से बाहर खेत में घट की मांडणी करते है.