चुनावी खर्च का ब्यौरा पेश नहीं करने वाले प्रत्याशी अब ‘आरओ’ के राडार पर
21 जनवरी थी खर्च का ब्यौरा पेश करने की अंतिम तारीख

* अब प्रत्याशियों के नाम ‘एआरओ’ जारी करेंगे स्मरणपत्र
अमरावती / दि. 22 – जिले की 10 नगर परिषदों और 2 नगर पंचायतों का चुनावी नतीजा विगत 21 दिसंबर को घोषित हुआ था. जिसके उपरांत अगले 30 दिनों के भीतर यानी 21 जनवरी तक प्रत्याशियों को अपने चुनावी खर्च का ब्यौरा प्रस्तुत करने के लिए समय दिया गया था. परंतु अब भी करीब 25 फीसद प्र्रत्याशियों व्दारा अपने चुनावी खर्च का ब्यौरा प्रस्तुत ही नहीं किया गया है. जिसके चलते अब ऐसे उम्मीदवारों को ‘एआरओ’ व्दारा नोटीस जारी करते हुए चुनावी खर्च का ब्यौरा पेश करने हेतु स्मरण कराया जा रहा है.
बता दें कि, नगरपालिका और नगर पंचायत का चुनाव लडने वाले प्रत्याशियों को चुनाव नतीजा घोषित होने के बाद अगले एक माह के भीतर संबंधित चुनाव निर्णय अधिकारी के पास अपने चुनावी खर्च का ब्यौरा प्रस्तुत करना होता है. जिले में नगराध्यक्ष पद के लिए 71 तथा नगरसेवक पद के लिए 1256 प्रत्यशी चुनावी मैदान में थे. जिसमें से एक प्रत्याशी का निर्विरोध निर्वाचन हुआ. वहीं अन्य सभी प्रत्याशियों ने जमकर अपना चुनाव प्रचार किया. इन सभी प्रत्याशियों को अपने चुनावी खर्च का ब्यौरा पेश करने हेतु 21 जनवरी की डेडलाइन दी गई थी. इस दौरान चुनाव में विजयी रहने वाले अधिकांश उम्मीदवारों व्दारा अपने चुनावी खर्च का ब्यौरा संबधित प्राधिकृत अधिकारी के पास पेश किया गया है. परंतु कई पराजित प्रत्याशियों ने इसे लेकर लापरवाही दिखाई है. जिसके चलते ऐसे सभी उम्मीदवारों का अब ‘एआरओ’ तथा मुख्याधिकारी को व्दारा निश्चित समय देते हुए उस समय से पहले चुनावी खर्च का ब्यौरा प्रस्तुत करने हेतु स्मरणपत्र दिया जाएगा.
* दो चरणों मे हुआ चुनाव, ब्यौरा प्रस्तुत करने की एक ही तारीख
बता दें कि, जिले में नगर परिषद व नगर पंचायत के चुनाव दो चरणों में कराए गए तथा 2 दिसंबर और 20 दिसंबर को मतदान की प्रक्रिया पूर्ण कराई गई, जिसके उपरांत 21 दिसंबर को सभी निकायों में मतगणना करते हुए चुनावी नतीजा घोषित किया गया. आयोग के नियमानुसार चुनाव परिणाम घोषित होने के उपरांत अगले एक माह के भीतर चुनाव खर्च का ब्यौरा आवश्यक रसीदों के साथ संबधित ‘आरओ’ के समक्ष प्रस्तुत करना सभी प्रत्याशियों के लिए अनिवार्य होता है. परंतु इसके बावजूद कई प्रत्याशियो ने अब तक अपने चुनावी खर्च का ब्यौरा पेश ही नहीं किया है.
* ऐसी थी चुनावी खर्च की सीमा
अ-वर्ग – नगराध्यक्ष पद के लिए 15 लाख रूपये व नगरसेवक पद के लिए 5 लाख रूपये.
ब-वर्ग – नगराध्यक्ष पद के लिए 11.25 लाख रूपये व सदस्य पद के लिए 3.50 लाख रूपये.
क-वर्ग – नगराध्यक्ष पद के लिए 3.50 लाख रूपये तथा सदस्य पद के लिए 2.50 लाख रूपये.
* ऐसी होगी कार्रवाई
जिन उम्मीदवारों ने निर्धारित अवधि के भीतर चुनावी खर्च का ब्यौरा पेश नहीं किया है. उन्हें ‘एआरओ’ व्दारा पत्र देने के साथ ही अतिरिक्त समय दिया जाएगा और इसके बाद भी खर्च का ब्यौरा नहीं देने पर कार्रवाई के संदर्भ में चेतावनी वाला पत्र जारी किया जाएगा. इसके उपरांत भी ब्यौरा पेश नहीं करने पर जिलाधीश के पास कार्रवाई के लिए प्रस्ताव पेश किया जाएगा.
* नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनाव घोषित होने के बाद अगले 30 दिनों के भीतर उम्मीदवारों को सबंधित प्राधिकृत अधिकारियों के पास चुनावी खर्च का ब्यौरा प्रस्तुत करना होता है. उम्मीदवारों व्दारा खर्च का ब्यौरा प्रस्तुत नहीं करने पर दुबारा स्मरणपत्र दिया जाएगा और इसके बाद भी ब्यौरा नहीं देने पर संबधितो के खिलाफ कारवाई प्रस्तावित की जाएगी.
– डॉ. विकास खंडारे
सह आयुक्त, नगर पालिका प्रशासन.
* निर्वाचन स्थिती
2 – नगर पंचायत ने नगराध्यक्ष पद के प्रत्याशी
10 – नगर परिषद में नगराध्यक्ष पद के प्रत्याशी
71 – पालिका चुनाव में नगराध्यक्ष पदों के कुल प्रत्याशी
1256 – पालिका चुनाव के कुल प्रत्याशी