अमरावती में केंद्र एजेंसियों की सख्त दस्तक

एनआईए के बाद अब डीआरआई की बड़ी कार्रवाई

अमरावती/दि.2- अमरावती शहर हाल के दिनों में केंद्र सरकार की जांच एजेंसियों की लगातार कार्रवाइयों के कारण चर्चा के केंद्र में आ गया है. पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और अब डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की सख्त कार्रवाई ने पूरे शहर में हलचल मचा दी है.
सबसे पहले चर्चित कोल्हे हत्याकांड की जांच के सिलसिले में एनआईए की टीम अमरावती पहुंची थी. यह पहला अवसर था जब एनआईए ने शहर में कार्रवाई की, जिससे यह मामला राज्य ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया. अब उसी कड़ी में डीआरआई ने अमरावती में एमडी (मेफेड्रोन) नशे के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की है.
डीआरआई ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए करीब 5 किलो एमडी ड्रग्स जब्त किया है और इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. सूत्रों के अनुसार, पुष्पा, गोलू और ओवैस नामक आरोपी मुंबई से भारी मात्रा में एमडी मंगवाकर अमरावती में सप्लाई करते थे. इनकी 15 से 20 लोगों की संगठित गैंग शहर और आसपास के इलाकों में सक्रिय थी. इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय और संभवतः अंतरराष्ट्रीय नशा नेटवर्क से जुड़ा हुआ था. चौंकाने वाली बात यह है कि इतने बड़े पैमाने पर चल रहे इस अवैध कारोबार की जानकारी अब तक स्थानीय पुलिस को क्यों नहीं लगी, इसे लेकर शहर में कई सवाल उठाए जा रहे हैं.
डीआरआई की इस कार्रवाई से अनुमान है कि हजारों युवाओं की जिंदगी बर्बाद होने से बच गई. यदि यह नशा बाजार में पहुंच जाता, तो समाज और आने वाली पीढ़ियों पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकता था. आम नागरिकों ने इस कार्रवाई की जमकर सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक बड़ी राहत बताया है. गौरतलब है कि इससे पहले अमरावती में अपराध शाखा, सीआईडी, एटीएस, एसआईडी, नार्कोटिक्स और टैक्स विभाग द्वारा भी नशे के कारोबार पर कई बार कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन अब केंद्र सरकार की एजेंसी डीआरआई की एंट्री ने मामले को और गंभीर तथा व्यापक बना दिया है. फिलहाल डीआरआई द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं. अमरावती एक बार फिर जांच एजेंसियों की सख्त कार्रवाई को लेकर सुर्खियों में है

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