ऊर्जा संकट के बीच केंद्र सरकार का बड़ा फैसला
देश में ‘एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट’ लागू

* उर्जा संकट को टालने तथा पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस की उपलब्धता हेतु लिया गया निर्णय
नई दिल्ली/दि.10 – भारत सरकार ने देश में बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और संभावित संकट को देखते हुए बड़ा कदम उठाते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट-1955) के तहत पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस से जुड़े प्रावधानों को लागू करने का निर्णय लिया है. इस संबंध में अधिसूचना भारत का राजपत्र में प्रकाशित की गई है. राजपत्र में जारी अधिसूचना के अनुसार केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के उत्पादन, आपूर्ति, वितरण और उपयोग को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया है. सरकार का कहना है कि देश में ऊर्जा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उनके समान एवं नियंत्रित वितरण के लिए यह फैसला जरूरी है.
अधिसूचना के तहत सरकार को अब पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति, परिवहन, भंडारण और वितरण पर आवश्यक नियंत्रण रखने का अधिकार मिलेगा. इसके अलावा जरूरत पड़ने पर इन संसाधनों के उपयोग को प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में आवंटित किया जा सकेगा. सरकार के मुताबिक यह कदम ऊर्जा सुरक्षा, उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने और आम नागरिकों को निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी और संकट की स्थिति में आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देकर आपूर्ति बनाए रखना आसान होगा. अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केंद्र सरकार आवश्यकता पड़ने पर विभिन्न क्षेत्रों के लिए प्राथमिकता तय कर ऊर्जा संसाधनों का वितरण कर सकेगी, ताकि देश में ऊर्जा संकट की स्थिति उत्पन्न न होने पाए.





