मध्य रेलवे ने भंगार बिक्री से बनाया रिकॉर्ड, 459 करोड़ रुपये की कमाई

अमरावती/दि.2 – मध्य रेलवे ने पुराने और अनुपयोगी सामान की बिक्री कर आय का नया रिकॉर्ड बनाया है. वित्त वर्ष 31 मार्च 2026 को समाप्त अवधि में रेलवे ने भंगार बिक्री से 459.52 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो तय लक्ष्य 450 करोड़ रुपये से अधिक है.
इस संदर्भ में मध्य रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक रेलवे प्रशासन ने विभिन्न विभागों में पड़े बेकार रेल पटरियों, लोहे के ढांचे, पुराने डिब्बों और तकनीकी उपकरणों को नीलामी के माध्यम से बेचा. यह पिछले दो वर्षों में सबसे बड़ी कमाई मानी जा रही है. इस पहल से जहां रेलवे परिसरों में सफाई हुई, वहीं आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई.
* ‘जीरो स्क्रैप’ अभियान को मिली सफलता
मध्य रेलवे के भंडार विभाग ने कुर्ला कटिंग यार्ड, नासिक ट्रैक्शन मशीन वर्कशॉप, परेल वर्कशॉप और मनमाड़ वर्कशॉप समेत विभिन्न स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर भंगार सामग्री की पहचान और निपटान किया. इन प्रयासों के कारण बिक्री में बड़ी बढ़ोतरी हुई. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की पहल आगे भी जारी रहेगी, जिससे एक ओर स्वच्छता बढ़ेगी और दूसरी ओर राजस्व में भी वृद्धि होगी.
* कौन सा विभाग रहा सबसे आगे
भुसावल डिवीजन ने 105.39 करोड़ रुपये की कमाई के साथ पहला स्थान हासिल किया. इसके बाद माटुंगा वर्कशॉप (68.39 करोड़), नागपुर डिवीजन (64.02 करोड़), मुंबई डिवीजन (55.49 करोड़) और पुणे डिवीजन (50 करोड़) का स्थान रहा.
* मुख्य आंकड़े
कुल राजस्व – 459.52 करोड़ रुपये
लक्ष्य – 450 करोड़ रुपये (पार)
उपलब्धि – पिछले दो वर्षों की सबसे बड़ी कमाई
* किन वस्तुओं की हुई बिक्री
रेल पटरियों का भंगार – 47,502 मीट्रिक टन
लौह धातु भंगार – 31,298 मीट्रिक टन
गैर-लौह धातु – 3,616 मीट्रिक टन
स्लीपर – 2,65,625 नग
रोलिंग स्टॉक – 50 इंजन, 78 कोच और 137 वैगन





