संघर्ष के बिना बदलाव संभव नहीं

प्रभाग क्र. 3 की निर्दलिय प्रत्याशी आशा दिलीप दरणे का कथन

* चुनाव प्रचार की सशक्त शुरुआत से बनाई जबरदस्त बढत
अमरावती/दि.14 – अगर हम खुद खड़े नहीं होंगे और संघर्ष नहीं करेंगे, तो बदलाव कभी नहीं आएगा. इन शब्दों के साथ प्रभाग क्र. 3 नवसारी से निर्दलिय प्रत्याशी रहनेवाली आशा दिलीप दरणे ने अपने चुनाव प्रचार की सशक्त शुरुआत की. उन्होंने साफ कहा कि राजनीति केवल वादों से नहीं, बल्कि ज़मीनी काम और पारदर्शिता से जनता का भरोसा जीतती है.
निर्दलिय प्रत्याशी आशा दिलीप दरणे ने कहा कि उनके अब तक के सभी कार्य खुले, पारदर्शी और प्रत्यक्ष रूप से नागरिकों को लाभ पहुंचाने वाले रहे हैं. निर्णय मतदाताओं का है, लेकिन सवाल भी जनता के ही हैं. निर्दलिय प्रत्याशी आशा दिलीप दरणे ने केवल आरोप नहीं लगाए, बल्कि अपने कार्यों का ब्यौरा भी रखा, उन्होंने बताया कि, स्वास्थ्य व सेवा के तहत उन्होंने महिलाओं की अगुवाई में रक्तदान शिविर आयोजित करवाए. सैकड़ों जरूरतमंदों तक रक्त थैलियों की उपलब्धता करवाई. आधार व मतदान सेवाओं के तहत घर-घर जाकर आधार व मतदाता पंजीकरण करवाया. निःशुल्क सुधार शिविरों का आयोजन किया. शिक्षा, पर्यावरण व नागरिक सुविधा के तहत शासकीय कन्या विद्यालय को एलईडी टीवी उपलब्ध करवाया. ड्रेनेज, सड़क और स्ट्रीट लाइट सुधार करवाया. देव मूर्तियों व निर्माल्य का सम्मानपूर्वक संकलन का काम किया. फूलों से अगरबत्ती निर्माण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया. हर लोकशाही दिन नागरिकों की समस्याएं मनपा में प्रस्तुत की.
* बार-बार प्रतिनिधि, फिर भी विकास क्यों नहीं?
प्रभाग क्र. 3 से निर्दलिय प्रत्याशी रहनेवाली आशा दरणे के मुताबिक नवसारी प्रभाग से अब तक कई बार प्रतिनिधि चुने गए, लेकिन क्या क्षेत्र का सर्वांगीण विकास वास्तव में हुआ. सफाई, सड़कें, नालियां, पेयजल और सुरक्षा-ये वे बुनियादी मुद्दे हैं, जिन्हें नागरिक रोज़ झेलते हैं. वर्ष 2012 से अब तक बड़े शहरों की बराबरी तो दूर, आज भी प्रभाग में कचरा, टूटी सड़कें, जलभराव और गंदगी आम तस्वीर बनी हुई है.
* फंड तो मिला, लेकिन पैसा कहां खर्च हुआ
निर्दलिय प्रत्याशी आशा दिलीप दरणे के मुताबिक हर महीने लगभग 25 लाख रुपये, यानी सालाना ढाई से तीन करोड़ रुपये का फंड प्रभाग को मिलता है-जो जनता के टैक्स का पैसा है. तो सवाल स्वाभाविक है कि, अगर इस फंड का सही उपयोग हुआ होता, तो आज ये हालात क्यों होते. ऐसे में हमारा पैसे हमारा अधिकार है और उसका हिसाब माँगना हमारा कर्तव्य भी है.
* नवसारी की मौजूदा सच्चाई
प्रभाग क्र. 3 नवसारी में आज भी टूटी सड़कें और अधूरे पेविंग ब्लॉक्स, बारिश में जलभराव, लटकते बिजली के तार, उपेक्षित मैदान और खुले प्लॉट की समस्याएं है. इन सबका सीधा असर नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और जीवन पर पड़ रहा है. ऐसे में निर्दलिय प्रत्याशी आशा दिलीप दरणे ने नवसारी के लिए ठोस और स्पष्ट विकास योजना प्रस्तुत की, जिसके तहत सड़क व बुनियादी सुविधा, वॉल-टू-वॉल सड़कें और प्रभावी जल निकासी, अंडरग्राउंड केबलिंग और सोलर स्ट्रीट लाइट, गार्डन व मैदान, ग्रीन जिम, फेंसिंग और सुंदर डिज़ाइन, गजानन कॉलनी, अभिषेक कॉलनी और नवसारी गांव मैदान का विकास, पानी व सफाई, सूरज कॉलनी जलभराव का स्थायी समाधान, पुंडलिक बाबा नगर, सुफियान नगर और जमजम नगर में नाली व सड़क कार्य, सुरक्षा व अन्य कार्य, सड़क के बीच खड़े बिजली खंभों को हटाना, बस स्टैंड, मंदिर और बौद्ध विहार का सौंदर्यीकरण, नवसारी गांव को अलग पहचान दिलाना आदि कामों के लिए विस्तृत रोड मैप तैयार किया गया है.

* मां के संस्कार, बेटे का संकल्प-
प्रभाग क्र. 3 से निर्दलिय प्रत्याशी रहनेवाली आशा दिलीप दरणे के हर प्रयास में उनके बेटे आनंद दिलीप दरणे कंधे से कंधा मिलाकर साथ हैं. जिन्होंने अपनी मां आशा दरणे को समाज के लिए दीपस्तंभ बताते हुए कहा कि, उनके परिवार द्वारा संचालित आशादीप फाउंडेशन के जरिए उनकी मां आशा दिलीप दरणे ने समाजसेवा की मिसाल कायम की है. जिनके पार्षद निर्वाचित होने के बाद नवसारी प्रभाग का विकास होना तय है. ऐसे में इस चुनाव को बदलाव वाला चुनाव कहा जा सकता है.

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