मामला चित्रा चौक उडान पुल का

देशमुख की याचिका पर 9 फरवरी को सुनवाई

* उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन का आरोप
अमरावती/दि.22-बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने अमरावती के चित्रा-पठान चौक उडान पुल के घोर विलंब के मामले में पूर्व पालक मंत्री डॉ. सुनील देशमुख द्वारा दायर जनहित याचिका पर 20 जनवरी को सुनवाई करते हुए संबंधित ठेकेदार और पक्षों को 8 फरवरी से पूर्व काम की प्रगति रिपोर्ट दायर करने के निर्देश दिए हैं. उसी प्रकार पूर्ववर्ती निर्देशों के अनुपालन में कथित लापरवाही और कोर्ट की अवमानना के बारे में भी चेतावनी दी हैं. याचिका पर अगली सुनवाई 9 फरवरी को रखी गई हैं.
न्या. अनिल किलोर और न्या. राज वाकोडे की खंडपीठ ने मंगलवार की सुनवाई दौरान याचिकाकर्ता के वकील शाहू चिखले की दलीलों को सुनने के बाद प्रतिवादियों को आदेश दिया कि, वे कार्य की प्रगति के बारे में शपथ पत्र 8 फरवरी तक प्रस्तुत कर दें. साथही कोर्ट ने यह भी कहा कि, शपथ पत्र में कोई कार्य पूर्ण न पाए जाने पर प्रतिवादी क्रमांक 2 को उसके कारण भी दर्ज करने होंगे. उसी प्रकार प्रतिवादी क्रमांक-3 को बार चार्ट के अनुसार काम न करने पर कौनसी कार्रवाई की जा रही है, यह अदालत को बताना होगा. प्रतिवादी क्रमांक-3 ने कोर्ट के सामने गारंटी दे रखी हैं.
उल्लेखनीय है कि, चित्रा चौक उडान पुल का निर्माण 8 वर्षों में भी पूर्ण नहीं हो सका. क्षेत्र के नागरिक पुल के निर्माणकार्य जारी रहने से वहां परेशानी और दिक्कतें झेल रहे हैं. ऐसे में शहर के पूर्व जनप्रतिनिधि डॉ. सुनील देशमुख ने एड. शाहू चिखले के माध्यम से हाई कोर्ट में अर्जी लगाई. अनेक सुनवाई याचिका पर हो चुकी हैं. उसी प्रकार हाई कोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों, लोनिवि, ठेकेदार और अन्य को पहले 31 दिसंबर 2025 की डेडलाइन निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए दी थी. फिर प्रतिवादियों की विनती पर इसे बढाया गया था. अब कोर्ट 8 फरवरी तक कार्य प्रगति रिपोर्ट तलब की है. 9 फरवरी को अगली सुनवाई रखी गई हैं.

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