शहर के पंडितों ने कहा- सूतक में नहीं खेली जाती होली
कल की बजाय परसों रंग खेलने की सलाह

* सचिनदेव महाराज भी बोले-पंचांगों में प्रमाण
अमरावती/दि.2 – होलीका दहन से लेकर रंग गुलाल खेलने संबंधी धर्मावलंबियों के संभ्रम को दूर करते हुए अंबानगरी के प्रमुख पुरोहितों ने स्पष्ट कर दिया कि, मंगलवार 3 मार्च को चंद्रग्रहण का सूतक रहने से कम से कम सबेरे के समय रंग नहीं खेला जाना चाहिए. परसों 4 मार्च को होली खेलने की सलाह इन पुरोहितों ने अमरावती मंडल से विशेष चर्चा करते हुए दी. सचिनदेव महाराज ने कहा कि, चंद्रग्रहण का वेध रहेगा. जिसे चंद्र पर संकट माना जाता है. ऐसे में हम खुशी मनाएंगे क्या? उसी प्रकार युवा करण महाराज पुरोहित ने भी स्पष्ट किया कि, सूतक काल में शोक होता है. इसलिए वृंदावन हो या मथुरा सभी जगह रंग गुलाल 4 मार्च को ही खेला जाएगा.

* चंद्र देव, संकट में कैसे मनाएंगे खुशी!
पूज्य अच्युत महाराज के सुपुत्र सचिन देव महाराज ने बहुत ही स्पष्ट कहा कि, चंद्र को हम देव मानते हैं. भगवान पर ग्रहण अर्थात संकट आएगा, तो हम खुशी कैसे मनाएंगे? उन्होंने कहा कि, मंगलवार को तडके से ग्रहण का वेध प्रारंभ हो जाएगा. ऐसे में सूतक काल में रंग गुलाल होली नहीं खेली जा सकती. उन्होंने प्रमाण दिया कि, महाराष्ट्र पंचांग में इस बात का शास्त्र सम्मत उल्लेख है. महाराज जी ने कहा कि, परसों के दिन होली खेलनी चाहिए. हम सभी परसों बुधवार को होली खेलेंगे. दिनभर सूतक और दोपहर बाद प्रत्यक्ष ग्रहण काल में रंगोत्सव की बेला कैसे रहेगी? इसके बावजूद किसी को होली कल ही खेलना है, तो शाम 7 बजे के पश्चात ग्रहण के मोक्ष होने उपरान्त अर्थात चंद्र के उग्रहण होने पश्चात रंग खेले जा सकते हैं.

* सूतक में होता शोक, रंगोत्सव नहीं
शहर के युवा पुरोहित करण गोपाल शर्मा महाराज ने कहा कि, होली अर्थात रंगोत्सव परसों बुधवार 4 मार्च को खेलना ही उचित रहेगा. करण महाराज ने कहा कि, चंद्रग्रहण का सूतक तडके 3 बजे से माना जा रहा है. ऐसे में दोपहर से ग्रहणकाल रहने के कारण मंगलवार 3 मार्च को होली नहीं खेली जा सकती. उन्होंने समझाकर बतलाया कि, ग्रहण का सूतक अर्थात शोक होता है. शोक में कोई उत्सव कैसे हो सकता है, इसलिए रंगोत्सव भी नहीं रहने वाला. शास्त्र सम्मत तो यहीं मान्यता है. उन्होंने बताया कि, मथुरा, वृंदावन, काशी में भी परसों 4 मार्च को होली मनायी जाएगी. एक-दूसरे को रंग गुलाल लगाया जाएगा. महाराज जी ने आज सोमवार शाम 6.15 से 6.50 बजे दौरान होलीका दहन का मुहूर्त भी बतलाया.

* कल कोई हालत में होली नहीं
शहर के प्रसिद्ध पंडित विनोद लक्ष्मीनारायण जी श्रीमाली महाराज ने निर्णय सिंधु और धर्म सिंधु का उदाहरण देकर बताया कि, ग्रहण होने से कल मंगलवार 3 मार्च को किसी भी हालत में होली नहीं खेली जा सकती. आपने कहा कि, बुधवार 4 मार्च को होली खेलना शास्त्र सम्मत रहेगा. उन्होंने धर्मावलंबियों को परसों 4 मार्च बुधवार को ही रंगोत्सव का त्यौहार मनाने की सलाह दी. पंडित विनोद जी ने कहा कि, तडके 3 बजे से चंद्रग्रहण का सूतक रहेगा. ऐसे में ग्रहण संध्या 6.50 पश्चात मोक्ष होगा. इसके उपरान्त ही मंदिरों के पट खेले जा सकेंगे. पूजा-अर्चना हो सकेगी. होली का त्यौहार 4 मार्च को श्रेयस्कर रहने की बात विनोद महाराज जी ने कही.

* सराफा असमंजस में
सराफा व्यापारी एसो. के अध्यक्ष राजेंद्र भंसाली से चर्चा की तो अभी संभ्रम रहने की बात उन्होंने कही. इतना जरुर बताया कि, परंपरा के अनुसार ग्रहण काल में सराफा मार्केट पूरी तरह बंद रहता आया है. इसलिए कल दोपहर 3 बजे से मार्केट निश्चित ही बंद रहेगा. धुलेंडी का अवकाश कल है. इसलिए सबेरे से ही शायद मार्केट बंद रह सकता है. अभी असमंजस की स्थिति है.





