दसवी बोर्ड परीक्षा में मराठी भाषा प्रश्नपत्रिका में कक्षा चौथी के स्तर के प्रश्न!
शिक्षकों और अभ्यासकों ने की टिप्पणी

पुणे/दि.26 – दसवीं के मराठी भाषा विषय की प्रश्नपत्रिका में कक्षा चौथी तक के छात्रों को पूछे जाने वाले प्रश्न शामिल किए जाने की टिप्पणी शिक्षकों और भाषा अभ्यासकों द्वारा की जा रही है. हालांकि, यह प्रश्नपत्रिका प्रारूप के अनुसार ही तैयार की गई थी, ऐसा स्पष्टीकरण राज्य मंडल द्वारा दिया गया है. इस पार्श्वभूमि पर दसवीं की प्रश्नपत्रिका में चौथी के स्तर के सवाल पूछे गए, जिससे यह मुद्दा चर्चा का विषय बना.
महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा शुरु दसवीं की परीक्षा में मराठी विषय की प्रश्नपत्रिका में भाषिक घटकों पर आधारित शब्द संपत्ति इस विभाग में कुछ उपप्रश्नों का समावेश था. इसमें घर, नदी इन शब्दों के समानार्थी शब्द, रात्र, हजर के विरूद्धार्थी शब्द, पुस्तक, पेड इन शब्दों का वचन बदल, तथा अक्षरों से अर्थपूर्ण शब्द तैयार करना, ऐसे सवाल पूछे गए. दसवीं के स्तर पर इतनें मूलभूत स्तर के सवालों का समावेश किया जाने से इस प्रश्नपत्रिका स्तर गिरने की आपत्ति जताई गई. मराठी अभ्यास केंद्र के सदस्य सुशील शेजुले ने कहा कि, भाषा विकास होकर यह पीढी आगे जाना चाहिए. इसमें कोई समझौता नहीं चाहिए. राज्य मंडल सहित अन्य शिक्षा मंडल में भी मराठी भाषा विषय के मूल्यमापन की स्थिति, दर्जा क्या है, यह देखना चाहिए.
* पांचवी के छात्रवृत्ति परीक्षा अधिक कठिन
राज्य परीक्षा परिषद द्वारा हालही में ली गई छात्रवृत्ति परीक्षा में पांचवी के भाषा और गणित विषय की प्रश्नपत्रिका में कठिन स्तर के सवाल पूछे जाने पर चर्चा हो रही है. अॅक्टिव टीचर्स फोरम के संयोजक भाउसाहेब चासकर के मुताबिक छात्रों का आयुगट, बौद्धिक, मानसिक विकास क्षमता, निर्धारित अभ्यासक्रम की तुलना में परीक्षा कठिन रही. इसमें कई सवाल अभ्यासक्रम के बाहर के थे. परीक्षा परिषद के मानक अनुसार प्रश्नपत्रिका 30 प्रतिशत सरल और 40 प्रतिशत मध्यम तथा 30 प्रतिशत कठिन होना अपेक्षित है.





