सुपर स्पेशालिटी में ढाई वर्ष की बालिका पर कॉक्लियर इम्लांट सर्जरी
सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की चौथी सफल शल्यक्रिया

अमरावती /दि.24 – स्थानीय विभागीय संदर्भ सेवा (सुपर स्पेशालिटी) अस्पताल में एक ढाई वर्ष की बालिका पर अत्यंत महत्वपूर्ण कॉक्लियर इम्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक की गई. यह शल्यक्रिया सार्वजनिक आरोग्य विभाग की चौथी सफल कॉक्लियर इम्लांट सर्जरी है. ढाई वर्ष की बालिका किसी भी योजना में न बैठने की वजह से उसकी शल्यक्रिया के लिए संपूर्ण निधि अमरावती जिला नियोजन समिति की ओर से उपलब्ध करवाई गई व शल्यक्रिया के बाद स्पीच थेरेपी के लिए आयुष्यमान भारत प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना अंतर्गत एक वर्ष स्पीच थेरेपी उसे नि:शुल्क दी जाएगी.
महाराष्ट्र में यह पहली कॉक्लियर इम्लांट सर्जरी है. आयुष्यमान भारत प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के माध्यम से स्पीच थेरेपी का लाभ मरीज को दिया जाएगा. दोनों ही योजनाओं में शल्यक्रिया और स्पीच थेरेपी का लाभ नि:शुल्क मिलेगा. बालिका ब्राह्मणवाडा थडी की रहने वाली है. जन्म से ही वह सुन नहीं सकती थी. जब वह दो वर्ष की हुई तब परिवार के सदस्यों के समझ में आया कि, वह सुन नहीं सकती. शुरुआत में उसकी जिला सामान्य अस्पताल में ऑडियोलॉजिस्ट गोपाल जयवाल ने जांच की और उसे सुपर स्पेशालिटी अस्पताल में शल्यक्रिया के लिए भिजवाया.
सुपर स्पेशालिटी हॉस्पिटल में उसकी सभी जांच पूर्ण की गई और उसके बाद ऑडियोलॉजिस्ट लक्ष्मण मोरे के पास उसे जांच के लिए भिजवाया गया. उसके पश्चात उसकी 16 मार्च को शल्यक्रिया की गई. शल्यक्रिया में पारंपारिक तथा अत्याधुनिक तकनीक जैसे स्मार्ट नेव नाम के वायरलेस उपकरण का उपयोग किया गया. यह जटील शल्यक्रिया हॉस्पिटल के वैद्यकीय अधीक्षक डॉ. अमोल नरोटे के मार्गदर्शन में इंदिरा गांधी वैद्यकीय महाविद्यालय नागपुर के ईएनटी विभाग प्रमुख डॉ. जीवन वेणी व सुपर स्पेशालिटी अस्पताल के विशेष कार्यकारी अधिकारी तथा ईएनटी सर्जन डॉ. रमेश मेंढे, ऑडियोलॉजिस्ट लक्ष्मण मोरे, बालरोग तज्ञ डॉ. नितिन बरडिया, भूल तज्ञ डॉ. बालकृष्ण बागवाले, डॉ. संजय महातुरे, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. शशांक दूरशिट्टीवार द्वारा की गई.
इस शल्यक्रिया में वैद्यकीय अधिकारी डॉ. उज्वला मोहोड, शीतल बोंडे, ऋषिकेश धस, डॉ. पायल रोकडे, डॉ. दिव्यानी मुंदाने, नेहा लासुरकर, अधिसेविका चंदा खोडके के मार्गदर्शन में न्यूरो इंचार्ज सिस्टर दिपाली देशमुख, अलका मोहोड, वैशाली नागराले, अपेक्षा वाघमारे, रेखा विश्वकर्मा, मनीषा रामटेके, तेजल बोंडगे, स्नेहल काले, विजय गवई, यश गवई, अभिषेक निचत, पुष्पा तायडे, शुभांगी टिंगणे, तृप्ति बोरकर, दीक्षा गवई, ज्योत्स्ना कांबले, फार्मासिस्ट योगेश वाडेकर, बायोमेडिकल इंजिनीयर, अमोल वाडेकर, प्रशांत शिरे, आकाश काले, वेदांत इंदूरकर, ज्ञानेश लांजेवार, राहुल कवनपुरे ने सहयोग दिया.





