विकास कार्य समय पर पूरे कर निधि का प्रभावी प्रबंधन करें- पालकमंत्री बावनकुले

जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर विकास कार्य करने के निर्देश

* बैठक में निधि समय पर खर्च करने पर जोर
अमरावती/दि.26 – जिला नियोजन समिति के अंतर्गत उपलब्ध निधि का उपयोग रोजगार सृजन पर केंद्रित होना चाहिए. लोकाभिमुख विकास कार्य, प्रशासनिक गतिशीलता और पारदर्शिता के समन्वय से जिले में विकास कार्य समय पर पूर्ण किए जाएं तथा निधि का प्रभावी प्रबंधन किया जाए, ऐसे निर्देश पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दिए.
जिलाधिकारी कार्यालय स्थित नियोजन भवन में पालकमंत्री श्री बावनकुले की अध्यक्षता में जिला नियोजन समिति की बैठक संपन्न हुई. इस अवसर पर सांसद डॉ. अनिल बोंडे, बलवंत वानखडे, अमर काले, विधायक किरण सरनाईक, संजय खोडके, रवि राणा, सुलभा खोडके, प्रताप अडसड, केवलराम काले, प्रविण तायडे, राजेश वानखडे, उमेश उर्फ चंदू यावलकर, गजानन लवटे, जिलाधिकारी आशीष येरेकर, मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा, पुलिस आयुक्त राकेश ओला, जिला पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद, जिला नियोजन अधिकारी वर्षा भाकरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
पालकमंत्री श्री बावनकुले ने कहा कि जिला वार्षिक नियोजन समिति की बैठकों में जनप्रतिनिधि प्रशासन को अधिक लोकाभिमुख बनाने और विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इसलिए जनप्रतिनिधियों को अनुपालन रिपोर्ट की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए. आगामी राज्यस्तरीय बैठकों में जिले के विकास कार्यों के लिए अधिक निधि प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा. घर की जमीन के पट्टे वितरण का कार्यक्रम प्राथमिकता से लागू किया जा रहा है, ताकि राज्य में कोई भी व्यक्ति बिना पट्टे के न रहे. जिले के सर्वांगीण विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में विभिन्न क्षेत्रों के लिए पर्याप्त निधि का प्रावधान किया गया है. इसमें शहरी विकास के लिए 73 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु 72 करोड़ रुपये, सड़क विकास के लिए 38 करोड़ रुपये तथा ऊर्जा विकास के लिए 30 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं. ग्रामीण विकास के लिए 27 करोड़ रुपये, कृषि एवं संलग्न सेवाओं के लिए 40 करोड़ रुपये तथा सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण के लिए 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. शिक्षा और सामाजिक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए सामान्य शिक्षा के लिए 23 करोड़ रुपये, महिला एवं बाल विकास के लिए 12 करोड़ रुपये तथा धार्मिक, पर्यटन और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण हेतु 17 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं. इसके अतिरिक्त सामान्य विकास कार्यों के लिए 50 करोड़ रुपये आरक्षित रखे गए हैं. बैठक में संबंधित यंत्रणाओं को निर्देश दिए गए कि वे आवंटित निधि के उपयोग तथा अब तक किए गए कार्यों की तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करें. स्वीकृत कार्यों को शीघ्र पूरा करने के लिए निविदा प्रक्रिया तुरंत प्रारंभ कर मार्च 2026 से पूर्व संपूर्ण निधि खर्च करने का सूक्ष्म नियोजन किया जाए.
इस अवसर पर जिले के संत्रा उत्पादक क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में जिला प्रशासन और ‘हार्डकॅसल एग्रोटेक’ के बीच एआई आधारित खेती के लिए सामंजस्य करार किया गया. इस परियोजना के अंतर्गत वरुड, मोर्शी, चांदूर बाजार और अचलपूर तहसील में 160 एकड़ क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उपग्रह चित्रों की सहायता से कीट नियंत्रण एवं फल झड़ने की समस्या पर काम किया जाएगा. 42 लाख रुपये की इस परियोजना से संत्रा उत्पादकों को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों में सटीक खेती का लाभ मिलेगा. इसके अलावा पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर शेत जोड़ सड़क एवं जल पुनर्भरण योजना के अंतर्गत गैर-सरकारी संस्थाओं के माध्यम से शेत जोड़ सड़क निर्माण हेतु जिलाधिकारी कार्यालय और लोक जागर स्वयंसेवी संस्था, अंजनगांव सुर्जी के बीच सामंजस्य करार भी किया गया.

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