वान बांध में छोडे गये मगरमच्छ
क्षेत्रवासियों में रोष, सोलापुर से लाये गये थे जलचर

तेल्हारा/दि.18 – सोलापुर से लाये गये 9 मगरमच्छ यहां वान बांध परिसर में छोडे जाने से वारी हनुमान तीर्थक्षेत्र आने वाले हजारों दर्शनार्थियों सहित यहां के लोगोें और किसानों ने नाराजगी व्यक्त की है. मेलघाट बाघ प्रकल्प अंतर्गत बैक वॉटर परिसर पर वनविभाग का नियंत्रण होने से मगरमच्छ लाये गये और छोड दिये गये, जिससे परिसर के लोग प्रश्न उपस्थित कर रहे है. जबकि क्षेत्र संचालक आदर्श रेड्डी ने कहा कि, मगरमच्छ को बांध के पानी में छोडा गया है. इससे लोगों को कोई नुकसान होने का अंदेशा उन्हें नहीं लगता.
जबकि महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से सटे इस परिसर में संपूर्ण वर्ष हजारों की संख्या में भाविक और पर्यटक आते है. वारी हनुमान का दर्शन करते है. यहीं वान प्रकल्प रहने से सुरक्षा का मुद्दा गंभीर हो जाने का दावा क्षेत्रवासी करते हुए प्रश्न उठा रहे है कि, सोलापुर से लाये गये मगरमच्छ किसकी मांग और कौन से अध्ययन के आधार पर यहां छोडे गये?
लोगों ने यह भी डिमांड उठायी है कि, जंगल महकमे को इस मामले में अधिकृत जानकारी बताकर नागरिकों की शंका का निरसन करना चाहिए. तीर्थयात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से उपाय योजना भी किये जाने की मांग यहां के निवासी कर रहे है. सरपंच मीना गोपाल महारनार ने दावा किया कि, कोई जरुरत न रहते हुए 9 मगरमच्छ लाकर यहां छोडे गये भविष्य में लोगों के जीवन को खतरा हो सकता है. मीना गोपाल ने मगरमच्छ तुरंत वापिस भेजने की मांग उठाई है. इसके लिए वे प्रशासन को पत्र देने के साथ नागरिकों की सुरक्षा हेतु आंदोलन भी करने तत्पर है. उधर क्षेत्र संचालक मेलघाट बाघ प्रकल्प आदर्श रेड्डी ने कहा कि, मगरमच्छ प्रकल्प क्षेत्र में छोडे गये है, उसका सामान्य लोगों पर कोई धोखा नहीं होगा. वहीं वान रेंज के आरएफओ एस. ए. आंबेकर ने कहा कि, चीफ वाईल्ड लाइफ वार्डन नागपुर के आदेश पर सोलापुर के महात्मा गांधी प्राणी संग्रहालय से मेलघाट बाघ प्रकल्प के वान रेंज में नागरतास परिसर में 9 घडियाल छोडे गये थे. एक की मृत्यु हो गई है.