कल की आमसभा में व्यापारी संकुलों के भाडे और लीज बढाने पर निर्णय संभव

कई मार्केट की अधिकांश दुकानों की खत्म हो चुकी है लीज

* किराया भी बाजार भाव से काफी कम
* वसूली से भर सकती है मनपा की तिजोरी
* अकेले जवाहर गेट संकुल से डेढ करोड की सालाना आय हो सकने का दावा
अमरावती /दि.16- महापालिका के पांच प्रमुख व्यापारी संकुलों के किराये में नियमानुसार बढोत्तरी का प्रस्ताव संबंधित समिति ने तैयार कर आमसभा के लिए भेजा है. सभी व्यापारी संकुलों का भाडा बढाने की सिफारिश समिति ने की है. अनेक वर्षों से किराया पूर्ववत रहने और उसमें बढोत्तरी न किये जाने से मनपा का बडा राजस्व अटका पडा है. उसी प्रकार कुछ मार्केट की लीज अवधि समाप्त हो गई है. ऐसे में नए करार करने के विषय में भी समिति ने आमसभा को प्रशासनिक प्रस्ताव देने की जानकारी अमरावती मंडल को सूत्रों से प्राप्त हुई है. मनपा की आमदनी इस किराया वसूली से बढ सकती है. उसी प्रकार लीज हस्तांतरण से भी मनपा को भारी आय होने की संभावना जानकारों ने व्यक्त की है. अकेले जवाहर गेट संकुल से ही मनपा को प्रतिवर्ष 1 करोड 44 लाख की आमदनी होने का अंदाज जानकार व्यक्त कर रहे हैं. वहीं मनपा के वरिष्ठ नगरसेवक भी संकुलों से मनपा को करोडों की आय होने का अनुमान व्यक्त कर कल की आमसभा में इस विषय पर साधक-बाधक चर्चा कर मनपा हित में निर्णय लेने की बात कह रहे हैं. किंतु पदाधिकारियों का स्वर अलग बताया जा रहा है.
मनपा के दादासाहब खापर्डे व्यापारी संकुल, जवाहर गेट व्यापारी संकुल, प्रियदर्शनी व्यापारी संकुल औ सूरज बिल्डर्स व्यापारी संकुल की लीज पूर्ण हो जाने की जानकारी भी सूत्रों ने दी और बताया कि, मनपा की स्थायी संपत्ति और मार्केट के किराए की निर्धारण समिति की कुछ माह पहले हुई बैठक के प्रस्ताव आमसभा को मंजूरी के लिए भेजे जा रहे हैं. किराया और डिपॉझिट निर्धारण समिति ने मोटे तौर पर वार्षिक किराया 7 प्रतिशत और कही 5 प्रतिशत बढाये जाने की अनुशंसा (सिफारिश) की है.
* मनपा की तिजोरी खाली, 8 वर्षों से विषय पेंडिंग
महापालिका में प्रशासक राज खत्म हो गया. चुनाव पश्चात जनप्रतिनिधियों ने कामकाज संभाल लिया है. किंतु महापालिका की तिजोरी खाली पडी है. उसकी अपेक्षित हाउस टैक्स वसूली नहीं हो पा रही. ऐसे में मनपा के अपने अनेक व्यापारी संकुल की दुकानों, कार्यालयों के किराये बढाये जाने का मुद्दा वर्षों से प्रलंबित रहा. जिससे किराया और डिपॉजिट निर्धारण समिति की गत नवंबर में हुई बैठक के पारित प्रस्ताव आमसभा की मंजूरी के लिए बाजार व परवाना विभाग ने देने की जानकारी है. 2018 से ही यह विषय प्रलंबित चल रहा है.
* दादासाहब खापर्डे संकुल
मनपा की उपरोक्त समिति ने अपनी बैठक में उसके कार्यालय से सटे दादासाहब खापर्डे संकुल की 60 दुकानों का किराया 12 रुपए से बढाकर 24 रुपए सालाना प्रतिवर्ग फीट करने की सिफारिश की जानकारी है. प्रस्ताव में कहा गया कि, रिकॉर्ड के अनुसार इस संकुल में 15 दुकानें अनधिकृत है. वहीं न्यायालय के आदेश से मनपा ने कार्यालयीन कामकाज के लिए उक्त मार्केट की होटल सिटी पैलेस के 7-7 हजार वर्ग फीट के दो सभागार अपने ताबे में ले रखे हैं. इस संकुल की लीज अवधि 2018 में ही पूर्ण हो गई थी.
* प्रियदर्शनी संकुल जयस्तंभ
प्रियदर्शनी संकुल जयस्तंभ चौक में रिकॉर्ड पर 120 दुकानें है. जिसकी लीज अवधि 2018 में पूर्ण हो गई है. यहां भी प्रति वर्ग फीट सालाना किराया 24 रुपए किये जाने की सिफारिश की गई है. बता दें कि, मनपा अपने नियमों से बंधी है. वह दोगुने से अधिक किराया वृद्धि नहीं कर सकती. इसमें कैपिंग लिमिट के प्रावधान आडे आते हैं. इस संकुल का करार बीओटी आधार पर एसोसिएट बिल्डर्स की ओर से वासुदेव खेमचंदानी ने किया था.
* जवाहर व्यापारी संकुल
मनपा के जवाहर गेट स्थित जवाहर व्यापारी संकुल का भी सीएल खत्री के साथ हुआ मनपा का करार 2020 में पूर्ण हो गया है. यहां 103 दुकानें (गाले) हैं. जबकि अनधिकृत दुकानों की संख्या 185 है. यहां भी केवल 12 रुपए प्रतिवर्ग फीट सालाना किराया रहने की जानकारी भाडा निर्धारण समिति की बैठक में चर्चा में आयी थी.
* सूरज बिल्डर व्यापारी संकुल
मनपा का एक संकुल सूरज बिल्डर व्यापारी संकुल है. जिसमें अधिकृत 38 दुकानें रहने के साथ 26 दुकानों की लीज खत्म हो गई है. यहां भी किराया वृद्धि की सिफारिश समिति ने आमसभा से की है. समिति की सभा में ही चर्चा दौरान बताया गया था कि, 0.7 प्रतिशत दरवृद्धि करने पर भी अंदाजित किराया 57 रुपए और 63 रुपए प्रतिवर्ग फीट प्रतिवर्ष होगा. जबकि मार्केट से सटे निजी संकुलों का बाजार भाव के अनुसार अंदाजन किराया रेट 1500-1800 रुपए प्रतिवर्ष फीट प्रतिवर्ष हो रहा है. अत: आमसभा को निर्णय लेकर मनपा संकुलों की दुकानों के किराए और लीज करार के बारे में चर्चा कर फैसला करना है. अब सभी की निगाहें कल की आमसभा पर लगी है. वह क्या निर्णय करती है.
* देश गौरव सुभाषचंद्र बोस मार्केट
मनपा कार्यालय से सटे दूसरे मार्केट देश गौरव सुभाषचंद्र बोस मार्केट में भी 23 दुकानें है. इस मार्केट की सभी दुकानों का प्रथम करारनामा आज से 26 साल पहले 31 मार्च 2000 को ही खत्म हो गया. इस संबंध में तत्कालीन स्थायी समिति ने प्रस्ताव क्रमांक 2025 पारित किया था. हस्तांतरण फीस 60 गुना करने और परिवार के लोगों तक 30 गुना करने की शर्त उक्त प्रस्ताव में रखी गई थी. वह करार 15 वर्षों के लिए बढाया गया. इस मार्केट की भी दुकानों का प्रतिवर्ष किराया प्रतिवर्ग फीट 211 रुपए करने की सिफारिश समिति ने की है. समिति का यह भी कहना रहा कि, कई मार्केट और दुकानों के भाडे गत अनेक वर्षों से बढाये नहीं गये है. ऐसे में प्राकृतिक बढोत्तरी के नियमानुसार 2028-29 से यह किराया 222 रुपए प्रति वर्ग फीट, प्रतिवर्ष होना चाहिए. प्रशांत नगर खाउ गली का भाडा भी 7 प्रतिशत की दर से बढाने की सिफारिश प्रस्ताव में की गई है.
* नये करार में मनपा को आमदनी
लीज खत्म हो चुकी दुकानों के नये करार से भी मनपा को अतिरिक्त आमदनी हो सकती है. अब यह देखने वाली बात होगी कि, बाजार परवाना के उक्त प्रस्ताव पर आमसभा मनपा की आय बढाने के लिहाज से निर्णय करती है, या नहीं? स्थायी समिति सभापति संकेत दे चुके हैं कि, रेडिरेकनर के रेट से ही किराया वसूली होगी. जबकि वरिष्ठ नगरसेवक मार्केट रेट से भाडा वसूली का दावा कर रहे हैैं. उनका दावा है कि, इससे मनपा की आमदनी करोडों से बढ सकती है. उसी प्रकार नियमित आय होने से मनपा के कई विकास कार्य गति पकड सकते हैं.

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