यूजीसी अधिसूचना में संशोधन की मांग

अमरावती में कुलसचिव डॉ. अविनाश असनारे को सौंपा गया ज्ञापन

अमरावती/दि.19 – उच्च शिक्षा प्रणाली में समानता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा 13 जनवरी 2026 को जारी अधिसूचना में संशोधन की मांग उठाई गई है. इस संबंध में संत गाडगेबाबा अमरावती विश्वविद्यालय के कुलगुरू डॉ. मिलिंद बारहाते के माध्यम से ज्ञापन सौंपने हेतु कुलसचिव डॉ. अविनाश असनारे को ज्ञापन दिया गया.
यह ज्ञापन राष्ट्रीय ओबीसी मुक्ति मोर्चा की ओर से जिला संयोजक प्रफुल्ल मंदा श्रीधर की अध्यक्षता में प्रस्तुत किया गया. इस दौरान नरेंद्र धर्माले (अध्यक्ष, शिक्षण बचाव समन्वय समिति, अमरावती), विजय डवरे (संविधान जागर अभियान, अमरावती), संदीप यादव, मो. अफसर भाई (अमरावती), सामाजिक कार्यकर्ता महेश ढवले (यवतमाल) आदि उपस्थित रहे.

* अधिसूचना में स्पष्टता की कमी बताई
ज्ञापन में कहा गया है कि अधिसूचना में कई महत्वपूर्ण शब्दों जैसे- अधिनियम, आयोग, समानता, पीड़ित व्यक्ति, जातीय भेदभाव, संस्था प्रमुख, कर्मचारी, उच्च शिक्षण संस्था, लोकपाल, विद्यार्थी- की स्पष्ट परिभाषा नहीं दी गई है. इससे इसके क्रियान्वयन में कठिनाइयों की आशंका जताई गई है.

* 30 दिन में जांच पूरी करने की मांग
संगठन ने मांग की है कि यदि किसी छात्र या व्यक्ति के साथ उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव की घटना होती है, तो उसकी जांच और कार्रवाई अधिकतम 30 दिनों के भीतर पूरी की जाए.

* आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए प्रावधान
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को उच्च शिक्षा में समान अवसर देने के लिए अधिसूचना में स्पष्ट प्रावधान शामिल किए जाएं. अंत में, इस विषय पर विस्तृत चर्चा कर अधिसूचना में आवश्यक संशोधन करने की मांग की गई है, ताकि उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित हो सके.

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