संसद में गूंजी शकुंतला रेल के पुनरुद्धार की मांग
सांसद बलवंत वानखडे ने उठाया मुद्दा

नई दिल्ली/19 – केंद्रीय बजट 2026-27 के तहत रेल मंत्रालय पर हुई चर्चा के दौरान अमरावती लोकसभा क्षेत्र के सांसद बलवंत वानखड़े ने विदर्भ के महत्वपूर्ण और लंबे समय से लंबित ‘शकुंतला रेल’ परियोजना के पुनरुद्धार का मुद्दा जोरदार तरीके से संसद में उठाया. सांसद वानखड़े ने कहा कि मूर्तीजापुर से अचलपुर तक की यह ऐतिहासिक रेल लाइन केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि क्षेत्र के किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों की जीवनरेखा रही है. लंबे समय से इस सेवा के बंद होने से स्थानीय लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
उन्होंने संसद में सवाल उठाया कि ब्रॉडगेज परिवर्तन का निर्णय होने और डीपीआर तैयार रहने के बावजूद कार्य में देरी क्यों हो रही है. साथ ही उन्होंने रेल मंत्री से मांग की कि इस परियोजना के लिए बजट में विशेष प्रावधान कर शीघ्र कार्य प्रारंभ किया जाए. सांसद वानखडे ने यह भी कहा कि शकुंतला रेल के पुनः शुरू होने से विदर्भ में स्थानीय विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे. उन्होंने सरकार से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस परियोजना को प्राथमिकता देने की अपील की. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की जरूरतों और भावनाओं के साथ खिलवाड़ न किया जाए तथा शकुंतला रेल को नया जीवन दिया जाए. इस मुद्दे को लेकर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहने की बात उन्होंने दोहराई.