अर्ध सरकारी स्कूलों में फीस एक समान करने की मांग

गणवेश व अन्य साहित्य की शाला से अनिवार्य खरीदी पर लगाए रोक

* नेशनल पीपल्स पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अमित वेलुकर ने शिक्षामंत्री को पत्र भेजकर की मांग
अमरावती/ दि.2 – महाराष्ट्र के अर्ध सरकारी विद्यालयाेंं में प्रवेश शुल्क को एक समान करने और छात्रों को स्कूल से ही यूनिफार्म व अन्य शैक्षणिक साहित्य खरीदने की अनिवार्यता खत्म करने की मांग उठाई गई है. इस संबंध में नेशनल पीपल्स पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष अमित वेलुकर ने शिक्षामंत्री को पत्र भेजकर आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है.
पत्र में बताया गया है कि राज्य में अनेक अर्ध सरकारी विद्यालयों में प्रवेश शुल्क में भारी असमानता है. कुछ स्कूल अत्याधिक शुल्क वसूल रहे हैं, जिससे सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड रहा है. अमित वेलूकर का कहना है कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और यह सभी के लिए सुलभ व किफायती होनी चाहिए. इसके अलावा कई स्कूल छात्रों को यूनिफार्म, किताबें, कॉपिया और अन्य साहित्य स्कूल से ही खरीदने के लिए बाध्य करते है. जिससे अभिभावको की पसंद की स्वतंत्रता खत्म होती है और खर्च बढ जाता है. वेलुकर ने मांग की है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सभी अर्ध सरकारी विद्यालयों में प्रवेश शुल्क का एकसमान और न्याय संगत नियम तैयार किया जाए. साथ ही स्कूलों द्बारा अनिवार्य खरीदी की प्रथा पर रोक लगाई जाए और इस संबंध में स्पष्ट सरकारी आदेश जारी कर उसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए. उन्होेेंने नियमों का उल्लंघन करनेवाले विद्यालयों के खिलाफ कडी कार्रवाई की भी मांग की है. ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों के हितों की रक्षा हो सके.

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