चंद्रपुर को बाघ जिला घोषित करने की मांग
बाघों की संख्या 300 पार

* पर्यावरण कार्यकर्ता बंडू धोत्रे का दावा
चंद्रपुर /दि.14- जिले में बाघों की संख्या बेतहाशा बढी है. यह आंकडा 300 के पार हो जाने का दावा पर्यावरण कार्यकर्ता बंडू धोत्रे ने किया और चंद्रपुर को बाघ जिला घोषित करने की मांग उन्होंने बुलंद की है. उन्होंने कहा कि, चंद्रपुर जिला बाघ युक्त घोषित होते ही यहां बाघों का संरक्षण सुदृढ होगा एवं बाघ और मानव संघर्ष पर भी नियंत्रण किया जा सकेगा. धोत्रे ने यह भी कहा कि, चंद्रपुर तो बाघ युक्त घोषित करने की डिमांड काफी पुरानी है.
बंडू धोत्रे ने कहा कि, ताडोबा बाघ प्रकल्प के कॉरिडोयर में प्रस्तावित लोहार डोंगरी लोहे की खान के विरोध में आंदोलन सफल हुआ है. अब चंद्रपुर में तेजी से बढ रही बाघों की तादात को देखते हुए सभी विभागों को तालमेल रखकर एकजुट प्रणाली अपनाने की आवश्यकता है. धोत्रे ने कहा कि, नागपुर को कई बार अनौपचारिक रुप से देश की टाइगर कैपिटल कहा जाता है. जबकि एक ही जिले में बाघों की संख्या देखे तो चंद्रपुर में 300 का आंकडा पार हो गया है. ताडोबा अंधेरी में 95, ब्रह्मपुरी में 65, चंद्रपुर में 52 और सेंट्रल चांदा विभाग में 36 बाघ थे. जो लगातार बढते जा रहे हैं. धोत्रे ने कहा कि, बाघ-मानव संघर्ष भी तीव्र हुआ है. इसी वर्ष 7 लोगों की मृत्यु बाघ के हमले में हुई है. एक बाघ को पकडा गया है.





