डेप्युटी सीएम शिंदे के विभागों का अमरावती शहर को दिलाएंगे पूरा फायदा
प्रलंबित कामों को पूरा करने के साथ ही बनाएंगे बेहतरीन शहर

* चित्रा चौक व रेलवे उडानपुल के कामों को जल्द से जल्द किया जाएगा पूरा
* शहर में सभी मूलभूत सुविधाएं कराई जाएंगी उपलब्ध, सातों दिन होगी जलापूर्ति
* शिंदे गुट वाली शिवसेना के नेता व मंत्री संजय राठोड का विशेष साक्षात्कार
* दूसरी व अंतिम किश्त
अमरावती /दि.12- अमरावती शहर को गत वैभव दिलाने के साथ ही शहर को अत्याधुनिक स्वरुप प्रदान करने के लिहाज से काफी कुछ काम किए जाने की संभावनाएं है. जिसके तहत अमरावती शहर की सामाजिक व सांस्कृतिक पहचान को पूरी तरह से कायम रखते हुए शहर में मूलभूत सुविधाओं का विकास कर शहर को अत्याधुनिक स्वरुप प्रदान किया जा सकता है. जिसके लिए शिंदे गुट वाली शिवसेना के पार्टी प्रमुख व राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास रहनेवाले नगर विकास व गृह निर्माण जैसे दो महत्वपूर्ण मंत्रालयों का सार्थक तरीके से उपयोग किया जाएगा और अमरावती शहर को एक नया स्वरुप प्रदान किया जाएगा, इस आशय का प्रतिपादन शिंदे गुट वाली शिवसेना के नेता व मंत्री संजय राठोड द्वारा किया गया.
मनपा चुनाव के मद्देनजर शिंदे गुट वाली शिवसेना के प्रत्याशियों का प्रचार करने अमरावती पहुंचे मंत्री संजय राठोड ने दैनिक ‘अमरावती मंडल’ के साथ विशेष तौर पर बातचीत करते हुए उपरोक्त प्रतिपादन करने के साथ ही कहा कि, अमरावती शहर के विकास को नई गति देने के लिए डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के अधीन विभागों का पूरा-पूरा फायदा शहर को दिलाया जाएगा. वर्षों से अटके प्रकल्पों को प्राथमिकता पर पूरा कर अमरावती को बेहतर और सुविधासंपन्न शहर बनाया जाएगा. इसके साथ ही मंत्री संजय राठोड ने कहा कि 7 वर्षों से प्रलंबित पडे चित्रा चौक के फ्लाईओवर सहित विगत अगस्त माह में आवाजाही हेतु बंद किए गए राजकमल चौक रेलवे उड़ानपुल जैसे अहम और बहुप्रतीक्षित प्रकल्पों के कार्यों को तेजी से पूरा कराया जाएगा, ताकि शहरवासियों को ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था से राहत मिल सके. उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
इसके साथ ही इस बातचीत के दौरान मंत्री राठोड ने भरोसा दिलाया कि अमरावती शहर में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. विशेष रूप से सातों दिन जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस और दीर्घकालिक योजना पर काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सड़क, पानी, रोशनी, साफ-सफाई और यातायात-इन सभी मोर्चों पर शहर को नई पहचान दिलाने का लक्ष्य है.
इस साक्षात्कार में मंत्री संजय राठोड ने यह भी कहा कि शिंदे गुट वाली शिवसेना का फोकस केवल घोषणाओं पर नहीं, बल्कि काम जमीन पर दिखाने पर है. अमरावती को विकास के मामले में किसी भी बड़े शहर से पीछे नहीं रहने दिया जाएगा.
* जो ‘लाडली बहन’ के खिलाफ कोर्ट गए थे, आज वही हल्ला मचा रहे है
इस बातचीत के दौरान ‘लाडली बहन योजना’ से कई लाभार्थी महिलाओं के नाम काट दिए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री संजय राठोड ने कहा कि, जुलाई 2024 में राज्य के मुख्यमंत्री पद पर रहनेवाले शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने ही ‘लाडली बहन योजना’ को शुरु करवाया था. जिसे राज्य की ‘लाडली बहनों’ की ओर से जबरदस्त प्रतिसाद मिला. परंतु आगे चलकर यह बात ध्यान में आई कि, नियमों व शर्तों में कुछ ढील रह जाने के चलते इस योजना के लाभार्थियों में कुछ अपात्र महिलाओं का समावेश हो गया था. जिसके चलते केवल पात्र लाभार्थियों को ही इस योजना का लाभ मिले, इस बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने योजना के मानकों में कुछ सुधार किया. जिसकी वजह से कई अपात्र लाभार्थी महिलाएं इस योजना से बाहर हो गई. यह जानकारी देने के साथ ही मंत्री संजय राठोड ने इस बात की ओर भी ध्यान दिलाया कि, ‘लाडली बहन योजना’ के शुरु होते ही जिन विपक्षी दलों ने इस योजना का मजाक उडाने के साथ ही इस योजना के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका तक दायर की थी. उन्हीं विपक्षी दलों द्वारा अब इस योजना से अपात्र लाभार्थियों को बाहर कर दिए जाने पर होहल्ला मचाया जा रहा है, यानि विपक्षी दलों के पास किसी भी मुद्दे को लेकर कोई स्पष्ट रणनीति नहीं है.
* हमारी पार्टी असल शिवसेना, सर्वसामान्य लोगों का दल
इस विशेष साक्षात्कार के दौरान मंत्री संजय राठोड ने कहा कि, हिंदु हृदय सम्राट शिवसेना प्रमुख स्व. बालासाहेब ठाकरे के विचारों व सिद्धांतों पर विश्वास रखनेवाले सभी लोग डेप्युटी सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्ववाली शिवसेना के भगवा झंडे तले एकजुट है. जिसके चलते निर्वाचन आयोग एवं अदालत ने भी हमें असली शिवसेना माना है. साथ ही खास बात यह भी है कि, पार्टी प्रमुख एकनाथ शिंदे से लेकर पार्टी के सभी मंत्री, सांसद व विधायक बेहद सर्वसामान्य पृष्ठभूमि से वास्ता रखते है, जिन्हें आम जनता के सुख-दुख की स्थिति का पूरा एहसास भी है. ऐसे में डेप्युटी सीएम शिंदे के नेतृत्ववाली शिवसेना को सर्वसामान्य लोगों की पार्टी कहा जा सकता है, जहां पर ‘साहेबगिरी’ व ‘जी-हुजूरी’ जैसे ‘वीआईपी कल्चर’ के लिए कोई स्थान नहीं. अत: अमरावती की जनता ने सर्वसामान्य नागरिकों के हितों को तवज्जो देनेवाली शिवसेना (शिंदे गुट) के साथ खडे होना चाहिए.





