व्यक्तिगत निमंत्रण के बावजूद संघ चालक से मुलाकात अधूरी ही रही
आशाताई ने पत्र लिखकर जताया था खेद

नागपुर/दि.13 – नागपुर में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संघ शिक्षा वर्ग के समापन समारोह के लिए संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत खुद दिग्गज गायिका आशा भोसले के घर गए और उन्हें इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया.
* सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का निमंत्रण
5 जून 2025 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्यकर्ता विकास वर्ग-द्वितीय का समापन समारोह आयोजित किया गया था. इस समापन समारोह के लिए वरिष्ठ गायिका आशा भोसले को आमंत्रित करने का तय हुआ. हालांकि, उन्हें आमंत्रित करने की जिम्मेदारी सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने खुद ली. वे आशा भोसले के घर गए और कार्यक्रम में आने के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से निमंत्रण दिया.
* आशा ताई ने पत्र लिखकर जताई खेद
नागपुर में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संघ शिक्षा वर्ग के समापन समारोह के लिए आमंत्रित की गई वरिष्ठ गायिका आशा भोसले ने, स्वास्थ्य खराब होने के कारण कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो पाने की जानकारी संघ प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर दी. उन्होंने कार्यक्रम में शामिल न हो पाने के लिए खेद व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि भागवत का घर आकर व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित करना उनके लिए सम्मान की बात है. पत्र में भोसले ने आरएसएस के कार्य को भारत के गौरवशाली भविष्य के लिए आशा की किरण बताया और भविष्य में सहयोग करने का आश्वासन दिया. इस पर भागवत ने जल्द ही फिर मिलने आने का उत्तर दिया.
* मैं जल्द ही व्यक्तिगत मुलाकात करूंगी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संघ शिक्षा वर्ग के समापन समारोह के लिए डॉ. मोहन भागवत ने खुद आशा भोसले को आमंत्रित किया था. लेकिन कार्यक्रम से कुछ दिन पहले ही वे अमेरिका से लौटी थीं. डॉक्टरों ने उन्हें पूर्ण आराम करने की सलाह दी थी. इसलिए सारी तैयारी होने के बावजूद उन्हें अपना नागपुर दौरा भारी मन से रद्द करना पड़ा. उन्होंने पत्र भेजकर जल्द ही व्यक्तिगत मुलाकात करने का आश्वासन दिया. आशा भोसले की भावनाओं का सम्मान करते हुए डॉ. मोहन भागवत ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की.
* पहले भी हुई थी मुलाकात
सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के निमंत्रण के बाद इस बार आशा भोसले उनसे मिलने नहीं आ सकीं, लेकिन इससे पहले वे कई कार्यक्रमों के सिलसिले में नागपुर आ चुकी हैं. सरसंघचालक से मिलने के लिए भी वे पहले नागपुर आई थीं. हालांकि, बाद में एक बार फिर मिलने का उनका आश्वासन अधूरा ही रह गया.





