चिखलदरा में वीआईपी मूवमेंट के बीच चौराहे की बदहाली उजागर
पांढरी, रेंजर कॉलेज, मरियमपुर के सैंकडो नागरिक रात के अंधेरे में गुजरने मजबूर

* वन्य प्राणियों का इसी परिसर में हैं अधिक खतरा
* सर्किट हाउस की तरफ जानेवाले मार्ग की दयनीय अवस्था
चिखलदरा/दि.25 – विदर्भ का प्रसिद्ध हिल स्टेशन चिखलदरा, जहां हर साल राज्यपाल, मंत्री, न्यायाधीश और वरिष्ठ अधिकारी आते हैं, वहीं शहर के प्रमुख मार्गों और चौक की बदहाल स्थिति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है. खासकर सर्किट हाउस और स्कायवॉक की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित एक प्रमुख चौक की हालत देखकर यहां आने वाले वीआईपी भी क्षेत्र की वास्तविकता का अंदाजा लगा लेते हैं.
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, पांढरी, रेंजर कॉलेज और भरायमपुर गांव के सैकड़ों लोग रोजाना इस मार्ग से आवागमन करते हैं, लेकिन पूरे परिसर में अंधेरा पसरा रहता है. रात के समय लोगों को जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है. यह इलाका तालाब और जंगल के समीप होने के कारण वन्य प्राणियों की आवाजाही का भी केंद्र है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है. नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद द्वारा शहर के अन्य स्थानों पर स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं, लेकिन इस महत्वपूर्ण मार्ग को अब तक नजरअंदाज किया गया है. खास बात यह है कि इसी रास्ते से शासकीय विश्रामगृह (सर्किट हाउस) तक पहुंचा जाता है, जहां वीआईपी का लगातार आना-जाना रहता है. इसके बावजूद किसी जनप्रतिनिधि या अधिकारी ने इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया. चिखलदरा की पहचान हाल के वर्षों में स्कायवॉक और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण बढ़ी है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी इस छवि को नुकसान पहुंचा रही है. करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के दावे किए जाते हैं, मगर जमीनी हकीकत इस चौक की बदहाली में साफ दिखाई देती है.वहीं, शहर में हरियाली और छांव की भी कमी महसूस की जा रही है. बढ़ते कांक्रीटीकरण और वाहनों की संख्या के कारण तापमान में वृद्धि हो रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही वृक्षारोपण और रखरखाव की ठोस योजना नहीं बनाई गई, तो भविष्य में यहां की प्राकृतिक सुंदरता प्रभावित हो सकती है.इस मुद्दे को लेकर नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है. कुछ लोगों का मानना है कि ऐसी समस्याएं उजागर होने से पर्यटन प्रभावित होता है, लेकिन अधिकांश का कहना है कि सच्चाई सामने आना जरूरी है, ताकि शासन और प्रशासन समय रहते सुधारात्मक कदम उठा सके.





