सीधे 60 रूपए का इजाफा, कमर्शियल सिलेंडर भी 200 रूपए चढा
रसोई गैस महंगी, गृहणियां भडकी

* कुछ ने ही माना युध्द का कारण
* अधिकांश ने कहा- महंगाई नहीं होनी चाहिए
अमरावती/ दि. 7- पश्चिमी एशिया में भडके युध्द का कारण सामने कर घरेलू रसोई गैस एलपीजी सिलेंडर के रेट अचानक 60 रूपए बढा दिए जाने से अमरावती की गृहणियां मोदी सरकार से खफा हो गई है. गृहणियों ने कहा कि मोदी सरकार पेट्रोलियम पदार्थो को लेकर बडे दावे कर रही थी. भरपूर स्टॉक होने की लफ्फाजी मंत्रीगण कर रहे थे. अब युध्द का कारण सामने देकर भाव बढा दिए गये हैं. इससे गृहणियों का बजट गडबडा गया है. घर में कोई प्रसंग होने अथवा त्यौहारों पर व्यंजन बनाने रसोई गैस तो रोज की जरूरत है. उसके दाम अचानक 60 रूपए नहीं बढाए जाने की बात कुछ महिलाओं ने कही. उन्होंने अमरावती मंडल से चर्चा में स्पष्ट कहा कि दो बार में रेट बढाए जाते तो कदाचित ठीक रहता. कुछ महिलाओं ने ही युध्द की वजह से गैस सिलेंडर के दाम बढने की बात कबूल की. उनका कहना रहा कि इसमें मोदी सरकार का कोई दोष नहीं है. पेट्रोलियम पदार्थ आयात किए जाते हैं. विश्व बाजार में जो रेट रहेंगे, वह चुकाने पडेंगे.

रेट कम करने होंगे
महिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष जयश्री वानखडे ने रसोई गैस सिलेंडर दाम बढाए जाने पर गुस्सा व्यक्त करते हुए सरकार पर जनता की आशा अपेक्षा से खिलवाड करने का आरोप किया. वानखडे ने कहा कि रसोई गैस की सबसिडी कहां चली गई. किसी को पता नहीं. सभी ने चुप्पी साध रखी है. वर्ष में 6 सिलेंडर फ्री देने का वादा किया गया था. वह भी हवाहवाई हो गया है. जयश्री वानखडे ने कहा कि घरेलू महिलाओं का बजट बिगड जाता है. जबकि सभी चीजों के दाम दिनोंदिन बढ रहे हैं. गैस सिलेंडर रोजमर्रा की वस्तु है. उसके रेट सरकार को कम करने ही होंगे. 60रूपए एकदम से दाम बढाना सरासर गलत है.

रेट नहीं बढने चाहिए
शारदा नगर निवासी गृहिणी सुवर्णा जवंजाल ने कहा कि गैस सिलेंडर रोज की जरूरत है. सरकार ने ही एलपीजी सिलेंडर से भोजन बनाने की आदत डाली है. अब सिलेंडर महंगा कर सामान्य लोगों का बजट गडबड किया जा रहा है. निश्चित ही सरकार पूरा मामला अमेरिका- इरान के युध्द पर धकेल रही है. तेल कंपनियों ने विश्व मार्केट में तेल के दाम कम होने पर भी पेट्रोल- डीजल के रेट कम नहीं किए थे. वह कमाई छिपाई गई थी. अब खाडी देश की जंग के आड में सीधे 60 रूपए प्रति सिलेंडर बढा देने की सरकार की मंशा ठीक नहीं है. सिलेंडर के रेट कम होने चाहिए.

रसोई गैस पर ही चोट क्यों ?
देवरणकर नगर की रहनेवाली श्रीलेखा खंडेलवाल ने कहा कि रसोई गैस पर ही दरवृध्दि क्यों लागू की गई है, यह वे समझ नहीं पा रही है. कल महिला दिवस मनाया जाना है. ऐसे में सरकार ने आज गैस सिलेंडर बढोत्तरी का अनमना उपहार दिया है. सरकार को अन्य चीजों के रेट बढाने चाहिए. गैस सिलेंडर तो रोज की जरूरत है. खाना बनाने का यही माध्यम है. गृहणियों का बजट रसोई गैस की दरवृध्दि से बिगडेगा. एक बात यह भी कहनी है कि सीधे 60 रूपए प्रति सिलेंंडर बढाए जाने की बजाय इसे दो चरण में बढाया जाता तो उसका अहसास कदाचित कम होता. सरकार को टेलीफोन पर बातचीत, इंटरनेट सेवा, लक्झरी सुविधा पर टैक्स बढाना चाहिए. रसोई गैस तो आम आदमी के लिए रोजमर्रा की जरूरत है. अब घर तक सिलेंडर 950 रूपए में पहुंचेगा.गैस
* अमरावती में 937 रुपए हुए रेट
अमरावती शहर में एलपीजी सिलेंडर आज तक 877 रुपए में मिल रहा था. वह 60 रुपए बढकर 937 रुपए हो जाने की जानकारी भारत गैस डीलर संजय देशमुख ने दी. उन्होंने बताया कि, व्यावसायिक सिलेंडर के रेट बढकर 1993 रुपए हो गये हैं. तथापि स्टॉक को लेकर फिलहाल चिंता करने की बात नहीं है.

* युद्ध के कारण ऐसी स्थिति
पेशे से सिंगर और आईटी प्रोफेशनल कोमल ढोके ने कहा कि, दुनिया में लडाईयां चल रही है. ऐसे में कई देश उलझे हुए हैं. कई प्रकार की तकलीफे कई देशवासी झेल रहे हैं. हमारे यहां तो केवल गैस सिलेंडर के रेट बढे हैं. उतना तो ग्लोबल परिस्थितियों के कारण सहन करना पडेगा. हमें अपनी आदतों में बदलाव लाकर देश में पेट्रोल-डीजल का उपयोग भी सीमित रखना चाहिए. मुझे तो लगता है कि, अगला नंबर पेट्रोल के दाम का लग सकता है. इंधन के रेट बढने वाले हैं.