जिला प्रशासन ने खडे किये हाथ
शहर में सैकडों होटल, स्टॉल बंद

* कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई हो रखी है बैन
* होटल, रेस्तरां संचालक बेजार, 60 प्रतिशत मेनू भी कैन्सल
* लकडी और डीजल भट्टियों का आसरा
अमरावती/दि.18 – राज्य शासन द्वारा उपहारगृहों को उनकी क्षमता की 70 प्रतिशत व्यवसायिक सिलेंडर उपलब्ध करवाने के आदेश का कथित रुप से मनमाना अर्थ निकालने की वजह से अमरावती के होटल रेस्टारेंट संचालक परेशान हो गये हैं. वे जिला प्रशासन से चर्चा की तो उन्होंने मुंबई-दिल्ली से आ रहे आदेश का हवाला देकर स्थानीय स्तर पर व्यावसायिक सिलेंडर उपलब्ध कराने में असमर्थता जता दी. जिससे होटल कारोबारियों को या तो व्यवसाय बंद रखना पड रहा. सैकडों होटल और रेस्तरा, स्टॉल बंद हो गये हैं. जबकि कुछ ही होटल व्यावसायियों ने डीजल भट्टी, लकडी भट्टी और इंडक्शन के पर्याय अपनाएं हैं. वहीं रवि नगर हो या राजापेठ अथवा गाडगे नगर, दस्तूर नगर सभी एरिया में सडक किनारे चलने वाले छोटे-मोटे होटल, स्टॉल, खान-पान के केंद्र व्यावसायिक सिलेंडर के अभाव में बंद करने पडे हैं. कई चाय स्टॉल का इसमें समावेश है. जिससे भारी रोजगार संकट उत्पन्न हो गया है.
होटल एसो. के सचिव सारंग राउत ने बताया कि, उपायुक्त वैशाली पाथरे और जिला आपूर्ति अधिकारी निनाद लांडे से चर्चा की. उन्हें रेस्टॉरेंट संचालकों की समस्या बतायी. इससे होने वाले दुष्परिणाम बताये. सैकडों लोगों के रोजगार चले जाने की हकीकत बयां की. किंतु दोनों ही अधिकारी पाथरे और लांडे ने उपर से आ रहे निर्देशों के पालन का मुद्दा सामने रख हाथ खडे कर दिये. इस चर्चा दौरान अध्यक्ष रवींद्र सिंह बिट्टू सलूजा, विवेक भोंदू, शक्ति राठोड, उदय बूब, आनंद भेले, अखिल चांडक, ठाकरे, सुमित शर्मा और अन्य उपस्थित रहने की जानकारी सारंग राउत ने दी. इस बीच शहर में काफी मात्रा में होटल्स सिलेंडर के अभाव में बंद करने पडे है. फलस्वरुप सैकडों लोगों के रोजगार का भी सवाल पैदा हो गया है. सप्ताह भर से अधिक हो गया कि, कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर बैन लगाया गया है. फलस्वरुप होटल और रेस्टारेंट का धंधा काफी प्रभावित हुआ है.
* थोडी राहत की विनती भी खारिज
सचिव सारंग राउत ने बताया कि, सरकारी उपहार गृह को 70 प्रतिशत व्यावसायिक सिलेंडर देने के समान सामान्य होटल, रेस्टारेंट को भी 20-30 प्रतिशत सिलेंडर उपलब्ध करवाने का अनुरोध जिला प्रशासन से किया गया. किंतु यह विनती भी अधिकारियों ने अमान्य कर दी. स्थानीय अधिकारी बारंबार राज्यस्तर पर हो रहे निर्देशों का हवाला देते रहे. होटल एसो. ने प्रशासन से अनुरोध किया कि, हजारों लोगों का रोजगार संकट देखते हुए सिलेंडर आपूर्ति में राहत दी जानी चाहिए.
* मेनू भी किये आधे
अमरावती रेस्टारेंट और लॉजिंग एसो. के सचिव सारंग राउत ने बताया कि, पिछले शनिवार सरकार ने आदेश जारी किया था कि, उपहार गृहों को 70 प्रतिशत अनुपात में व्यावसायिक सिलेंडर उपलब्ध किये जाये. जिसका प्रशासन ने अर्थ निकाला है कि, सरकारी कार्यालयों और कैंटीन के बारे में यह आदेश है. ऐसे में व्यावसायिक सिलेंडर नहीं मिलने से शहर के 1500 से अधिक पंजीकृत होटल कारोबारियों में से 15 से 20 प्रतिशत के कामकाज बंद करने पडे है. उसी प्रकार मेनू भी प्रभावित हुए हैं. 60 प्रतिशत से अधिक व्यंन मना करने पड रहे.
* कम इंधन के व्यंजन
सारंग राउत ने बताया कि, प्राइवेट खाद्यान्य सप्लायर कंपनियों के ऑर्डर्स अभी नहीं लिये जा रहे. उसी प्रकार कम इंधन के व्यंजन पर जोर दिया जा रहा है. ग्राहक कुछ मात्रा में सहकार्य कर रहे हैं. फिर भी ग्राहक तो सेवा चाहता है. ऐसे में सिलेंडर नहीं रहने से प्रतिष्ठान बंद करने के अलावा चारा नहीं बचा. रोजी-रोटी की समस्या हजारों लोगों के सामने खडी हो गई है.





