अमरावती के डॉ. घुंडियाल ने किया 27 वां राष्ट्रीय संबोधन

रेडियोलॉजी और नैतिकता विषय पर प्रस्तुति

* 4500 से अधिक विशेषज्ञों के बीच अमरावती का गौरव
* 78 वें इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन वार्षिक सम्मेलन
अमरावती /दि.16 विदर्भ की धरती से राष्ट्रीय मंच तक अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए अमरावती के सुप्रसिद्ध रेडियोलॉजिस्ट डॉ. पंकज घुंडियाल ने 27 वां राष्ट्रीय संबोधन कर इतिहास रच दिया है. वे अमरावती आईएमए के पूर्व सचिव है. उन्हें 78 वें आईआरआईए (इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन) के वार्षिक सम्मेलन में राष्ट्रीय संकाय (नेशनल फैकल्टी) के रुप में आमंत्रित किया गया. जहां उन्होंने रेडियोलॉजी और नैतिकता विषय पर प्रभावशाली व्याख्यान दिया. डॉ. घुंडियाल ने लगातार 27 वें वर्ष इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन में व्याख्यान देकर न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल की, बल्कि अमरावती का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया.
* हैदराबाद में रेडियोलॉजी का महाकुंभ
गत 29 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक हैदराबाद इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपोजिशन्स लिमिटेड (हाइटेक्स), हैदराबाद में आयोजित इस भव्य सम्मेलन में दुनिया भर के 4500 से अधिक विशेषज्ञ शामिल हुए. रेडियोलॉजी क्षेत्र के वरिष्ठ शिक्षकों, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विशेषज्ञों, सलाहकारों और युवा चिकित्सकों की उपस्थिति में ज्ञान का व्यापक आदान-प्रदान हुआ. डॉ. घुंडियाल ने अपनी प्रस्तुति में रेडियोलॉजी के तकनीकी पक्ष के साथ-साथ चिकित्सा नैतिकता के महत्व पर विशेष जोर दिया. तेजी से बदलती तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा के दौर में नैतिक मूल्यों को बनाए रखने की आवश्यकता पर उनका व्याख्यान विशेष रुप से सराहा गया.
* आयोजन टीम को बधाई
डॉ. घुंडियाल ने इस रेडियोलॉजी महाकुंभ को सफल बनाने के लिए आईआरआईए की आयोजन टीम को बधाई दी और कहा कि, ऐसे मंच चिकित्सकों के ज्ञान, कौशल और नैतिक प्रतिबद्धता को नई दिशा देते हैं. अब वे 2027 में दिल्ली और 2028 में भोपाल में होने वाले आगामी आईआरआईए सम्मेलनों को लेकर उत्साहित हैं.
* अमरावती के लिए गौरव का क्षण
अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन में अमरावती का प्रतिनिधित्व करते हुए डॉ. घुंडियाल ने साबित किया कि, महानगरों के बाहर भी उच्चस्तरीय चिकित्सा प्रतिभा विकसित हो रही है. चिकित्सा क्षेत्र से जुडे विशेषज्ञों का मानना है कि, यह उपलब्धि न केवल डॉ. घुंडियाल की व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि अमरावती के चिकित्सा क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक मील का पत्थर है.
* 1999 से राष्ट्रीय मंच पर निरंतर उपस्थिति
डॉ. घुंडियाल ने 1999 में अमरावती में अपने रेडियोलॉजी अभ्यास की शुरुआत की थी. तब से लेकर 2026 तक वे प्रत्येक राष्ट्रीय आईआरआईए सम्मेलन में विभिन्न भूमिकाओं-राष्ट्रीय संकाय, अध्यक्ष, आयोजक, क्विंज मास्टर और प्रतिनिधि के रुप में सक्रिय भागीदारी निभाते रहे हैं. लगातार 27 वर्षों तक राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय उपस्थिति किसी भी चिकित्सक के लिए असाधारण उपलब्धि मानी जाती है.

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