बजट सत्र में विधायक प्रवीण तायडे ने उठाया किसानों की सड़कों का मुद्दा
खेत तक आसान रास्ता ही असली विकास

* सरकार से विशेष निधि की मांग
अमरावती/दि.6 – राज्य के बजट सत्र के दौरान अचलपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रवीण तायडे ने किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए खेतों तक जाने वाली सड़कों की बदहाल स्थिति की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया. उन्होंने कहा कि यदि किसानों को हर मौसम में अपने खेत तक पहुंचने के लिए सुगम रास्ता मिलेगा, तभी ग्रामीण विकास की सही दिशा तय होगी.
विधायक प्रवीण तायडे ने कहा कि अचलपुर और चंदूरबाजार क्षेत्र के कई गांवों में खेतों तक जाने वाली पगडंडी सड़कों की हालत बेहद खराब है. खासकर मानसून के दौरान ये रास्ते कीचड़ और पानी से भर जाते हैं, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. उन्होंने बताया कि खराब सड़कों के कारण किसान अपनी कृषि उपज समय पर बाजार तक नहीं पहुंचा पाते, जिससे फसल खराब हो जाती है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. साथ ही आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस, दमकल जैसी सेवाएं भी गांवों तक समय पर नहीं पहुंच पातीं.
तायडे ने सरकार से मांग की कि ग्रामीण संपर्क सड़कों और खेतों तक जाने वाले रास्तों के निर्माण के लिए सीमेंट कंक्रीट और मजबूत सड़कों का निर्माण किया जाए. इसके लिए राज्य सरकार को अलग से विशेष निधि उपलब्ध करानी चाहिए और संबंधित विभागों में लंबित प्रस्तावों को तुरंत मंजूरी दी जानी चाहिए. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि गांवों के केंद्र से खेतों तक जाने वाले रास्तों, नालों, नदी-नालों पर पुलों और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत किया जाए. मानसून के दौरान पुलों की कमी और खराब सड़कों के कारण ट्रैक्टर व मालवाहक वाहनों की आवाजाही रुक जाती है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ती है और किसानों की आय घट जाती है. विधायक तायडे ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें केवल सुविधा नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा हैं. इसलिए इन सड़कों के निर्माण और सुधार के कार्य को समन्वित योजना के तहत तय समय में पूरा किया जाना आवश्यक है.





