खाद्य तेलों की 25 प्रतिशत विक्री बढी

उछले दामों में और बढोत्तरी की आशंका

* पाम तेल प्रतिकिलो 12 रुपए चढा
* सोयाबीन और फल्ली अब स्थिर
अमरावती/दि.13 – खाडी युद्ध के कारण देश में चली आ रही अफरा-तफरी के बीच खाद्य तेलों में आई तेजी कायम है. इतना ही नहीं तो लोगों में पैनिक बाइंग का नजरियां देखने मिल रहा है. फलस्वरुप अमरावती में ही तेलों की दैनंदिन विक्री 25 प्रतिशत से अधिक बढ जाने की जानकारी स्थानीय सक्करसाथ के प्रमुख तेल व्यापारियों ने दी. उन्होंने यह भी बताया कि, आयात के कथित संकट के कारण पाम तेल के दाम 12 रुपए प्रति किलो तक उछल गये हैं. इसके बावजूद तेल की विक्री बढी हुई है.
* फल्ली और सोयाबीन स्थिर
बाजार सूत्रों ने अमरावती मंडल से चर्चा में बताया कि, फल्ली और सोयाबीन तेलों के रेट पहले ही बढ चुके है. अब दो-तीन दिनों से दामों में स्थिरता बनी हुई है. हालांकि पखवाडेभर के आंकडे से स्पष्ट है कि, सोयाबीन हो, या मूंग फल्ली के रेट में 5-8 रुपए प्रतिकिलो रेट बढे हैं. अब पाम तेल में तेजी आयी है. किंतु सेल कम नहीं हो रहा. अपितु सेल में बढोत्तरी हो गई है.
* होटल, रेस्टारेंट की डिमांड
मार्केट सूत्रों ने अमरावती मंडल से स्पष्ट कहा कि, होटल, रेस्टारेंट, नमकीन निर्माता पाम तेल की डिमांड अधिक करते हैं. उन्होंने दावा किया कि, अधिकांश खोमचे वाले और नमकीन बनाने वाले बडी मात्रा में पाम तेल के कनस्तर (पीपे) खरीद रहे हैं. 2100 रुपए का पाम तेल दो दिनों में बढकर 2300 रुपए हो गया है. स्पष्ट है कि, रेट 12-13 रुपए प्रति किलो चढे हैं. ऐसे ही सोयाबीन 2320 से 2500 की रेंज में पहुंच गया है. वहीं मूंगफल्ली तेल 2800-2900 रुपए प्रति टीन हो गया है. फिर भी मार्केट में सेल काफी है.
* पैनिक बाइंग बटन दबा
अमरावती मंडल ने प्रमुख तेल और किराना व्यापारियों से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि, जो दुकानदार 50 डब्बे खरीद रहा था, दाम बेतहाशा बढने की आशंका में उसने अपनी खरीदी दोगुनी कर दी है. उसी प्रकार एक डिब्बा ले जाने वाले कस्टमर दो डिब्बे ले जा रहे हैं. जिससे विक्री में 25 प्रतिशत से ज्यादा का उछाल आया है. तेल मिलों से माल की सप्लाई बढानी पडी है. आने वाले दिनों में युद्ध लंबा खींचा तो निश्चित ही दामों पर असर हो सकता है. अभी तो मार्केट में खरीददार और व्यापारी दोनों ही सशंकित है.

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