बालासाहेब के लिए एकनाथ शिंदे दिखाएं उदारता, उद्धव ठाकरे को दें समर्थन

विधायक भास्कर जाधव की अपील, क्या बदलेगा मुंबई का राजनीतिक गणित?

मुंबई/दि.23 – मुंबई महानगरपालिका के महापौर का चुनाव जल्द होने वाला है और मौजूदा राजनीतिक समीकरणों में भाजपा के महापौर बनने की प्रबल संभावना जताई जा रही है. इसी बीच शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के वरिष्ठ नेता और विधायक भास्कर जाधव के बयान ने मुंबई की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. विधायक जाधव ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से अपील की है कि वे बालासाहेब ठाकरे की जन्मशताब्दी वर्ष के सम्मान में उद्धव ठाकरे को समर्थन देकर मुंबई में शिवसेना का महापौर बनवाएं. भास्कर जाधव ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे के जन्मशताब्दी वर्ष में यदि मुंबई महानगरपालिका पर शिवसेना का भगवा ध्वज नहीं फहराता, तो यह शिवसैनिकों के लिए अत्यंत पीड़ादायक होगा. उन्होंने शिंदे से आग्रह किया कि वे राजनीतिक मतभेदों को एक ओर रखकर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को समर्थन दें, ताकि मुंबई में शिवसेना का महापौर बन सके. जाधव के अनुसार, यही बालासाहेब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
विधायक जाधव ने कहा कि एकनाथ शिंदे को भाजपा से यह कहने का साहस दिखाना चाहिए कि उन्होंने केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार को समर्थन दिया है, लेकिन बालासाहेब की जन्मशताब्दी वर्ष में मुंबई में शिवसेना का महापौर होना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यदि शिंदे वास्तव में बालासाहेब के विचारों को मानते हैं, तो उन्हें उदारता दिखानी होगी. भास्कर जाधव के इस बयान को केवल भावनात्मक अपील नहीं, बल्कि एक रणनीतिक राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है.
उल्लेखनीय है कि, हाल के दिनों में कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में ठाकरे गुट के दो नगरसेवकों और मनसे के पांच नगरसेवकों का शिंदे गुट के साथ जाना, यह संकेत देता है कि स्थानीय निकाय राजनीति में समीकरण तेजी से बदल रहे हैं. ऐसे में जाधव की अपील को मुंबई के महापौर चुनाव में संभावित उलटफेर की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है. उधर शिवसेना उबाठा के पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी पहले महापौर पद को लेकर संकेतात्मक बयान दिए थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ठाकरे गुट मुंबई की सत्ता में वापसी के लिए हर संभव राजनीतिक विकल्प पर विचार कर रहा है. भास्कर जाधव की अपील इसी रणनीति का विस्तार मानी जा रही है.
फिलहाल भाजपा-शिंदे गुट की संख्या बल के आधार पर स्थिति मजबूत मानी जा रही है, लेकिन जाधव की भावनात्मक और राजनीतिक अपील ने चर्चा को नया मोड़ दिया है. यदि शिंदे गुट से किसी प्रकार का समर्थन मिलता है, तो यह न केवल महापौर चुनाव का समीकरण बदल सकता है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में भी दूरगामी प्रभाव डाल सकता है. अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या एकनाथ शिंदे बालासाहेब ठाकरे की विरासत के नाम पर कोई बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हैं या नहीं, और क्या उद्धव ठाकरे इस समर्थन को स्वीकार करेंगे.

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