10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव का बिगुल
16 मार्च को होगा संसद के उपरी सदन हेतु मतदान

नई दिल्ली/दि.18 – देश के 10 राज्यों में राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है. भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार इन सीटों पर 16 मार्च को मतदान होगा और उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना की जाएगी. महाराष्ट्र और तमिलनाडु में सबसे अधिक सीटें खाली हो रही हैं. इन सीटों के साथ कई वरिष्ठ नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिनमें शरद पवार, रामदास आठवले और प्रियंका चतुर्वेदी प्रमुख हैं. सभी का कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म होगा.
* किन राज्यों में कितनी सीटें
– महाराष्ट्र – 7 सीट
– तमिलनाडु – 6 सीट
– पश्चिम बंगाल – 5 सीट
– बिहार – 5 सीट
– अन्य राज्यों सहित कुल – 37 सीट
रिक्त सीटों में से लगभग 12 सीटें एनडीए और 25 सीटें विपक्षी दलों के खाते में मानी जा रही हैं.
* राज्यसभा चुनाव कैसे होते हैं
राज्यसभा चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं, बल्कि संबंधित राज्यों के विधायकों द्वारा कराए जाते हैं. राज्यसभा एक स्थायी सदन है, जिसके एक-तिहाई सदस्य हर दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं. सदन की कुल सदस्य संख्या 245 है, जिनमें 233 सदस्य निर्वाचित और 12 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए जाते हैं. मतदान में प्रत्येक विधायक के मत का निश्चित मूल्य होता है और जीत के लिए निर्धारित कोटा पूरा करना जरूरी होता है.
* महाराष्ट्र का गणित
महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 विधायक हैं और 7 सीटें रिक्त हो रही हैं. निर्धारित फार्मूले के अनुसार एक सीट जीतने के लिए लगभग 36 प्रथम वरीयता मत आवश्यक होंगे. नामांकन 26 फरवरी से 5 मार्च तक भरे जाएंगे. संख्याबल के आधार पर भाजपा के चार, शिवसेना (शिंदे) और राष्ट्रवादी (अजित पवार) के एक-एक तथा विपक्ष के एक उम्मीदवार के जीतने की संभावना जताई जा रही है. चुनाव निर्विरोध होने की भी संभावना बताई जा रही है.
* क्या फिर राज्यसभा पहुंचेंगे पवार और आठवले?
राजनीतिक हलकों में सबसे ज्यादा चर्चा शरद पवार और रामदास आठवले की उम्मीदवारी को लेकर है. यदि विपक्ष एकजुट रहा तो पवार की वापसी आसान मानी जा रही है, जबकि आठवले की उम्मीदवारी भाजपा के निर्णय पर निर्भर मानी जा रही है. केंद्र में मंत्री बने रहने के लिए उनका दोबारा राज्यसभा सदस्य बनना जरूरी होगा.
* विशेष पेन से होगा मतदान
मतदान के दौरान केवल निर्वाचन अधिकारियों द्वारा दिया गया मानक बैंगनी स्केच पेन ही मान्य होगा. अन्य किसी पेन से डाला गया वोट अमान्य माना जाएगा. निष्पक्ष चुनाव के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी की जाएगी.





