अमरावती सहित 22 झेडपी के इलेक्शन प्रलंबित
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा

* नहीं चलेगा 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण
दिल्ली /दि.23 – देश की सर्वोच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार की विनती अमान्य करते हुए प्रदेश की शेष 22 जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चुनाव अभी टल जाने वाले संकेत दिये हैं. कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि, 50 प्रतिशत आरक्षण सीमा पार करने वाले स्थानीय निकाय के चुनाव हुए भी तो कोर्ट के निर्णय के अधीन रहना नहीं चलेगा. कोर्ट ने इस बारे में कोई राहत देने से साफ मना कर दिया. सरकार की विनती ठुकरा दी.
जिससे जानकारों ने दावा किया कि, इन जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चुनाव प्रलंबित होने है. इनमें अमरावती और अकोला जिला परिषद भी शामिल है. आज हुए सुनवाई में कोर्ट ने शेष जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनाव लेने से साफ मना कर दिया है.
प्रदेश में 22 जिला परिषदों में आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत को पार कर गई. जिसके कारण कोर्ट ने चुनाव पर रोक लगा दी. इस बीच प्रॉपर आरक्षण रहने वाले 12 मिनी मंत्रालय और 125 पंचायत समितियों के चुनाव संपन्न हो चुके है. अब 22 जिला परिषद और शेष पंचायत समितियों के भी चुनाव अनिश्चित काल के लिए प्रलंबित हो गये हैं. राज्य सरकार की ओर से तुषार मेहता द्वारा पक्ष प्रस्तुत करने के बावजूद कोर्ट ने कहा कि, ऐसी अनुमति नहीं दी जा सकती.
बांठिया आयोग द्वारा ओबीसी आरक्षण की वैधता पर सर्वोच्च न्यायालय कब से सुनवाई शुरु करेगा, अब इस ओर लक्ष्य लगा है. ओबीसी के आरक्षण पर शीघ्र सुनवाई होने की संभावना व्यक्त की जा रही है. अंतिम सुनवाई से पहले संपूर्ण तैयारी कर लेने के निर्देश कोर्ट ने सभी वकीलों को दिये है.





