शिक्षा संस्था व अस्पताल कर्मियों को भी मिलेगा ‘ईएसआयसी’ का लाभ
‘उस’ आदेश को केंद्र सरकार ने किया रद्द, जल्द जारी होगी नई अधिसूचना

अमरावती /दि.5 – नए श्रम कानून के सामाजिक सुरक्षा प्रावधान के तहत अब राज्य की स्वास्थ्य और शैक्षणिक संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को भी केंद्र सरकार की कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआईसी) का लाभ मिलेगा. इस संबंध में राज्य कामगार बीमा योजना की ओर से सभी स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक संस्थानों को पत्र भेजकर कर्मचारियों के नाम और पते उपलब्ध कराने को कहा गया है.
बता दें कि, राज्य कामगार बीमा योजना केंद्र सरकार की मजदूरों के लिए विशेष स्वास्थ्य सुविधा योजना है. इसके तहत प्रत्येक राज्य में अस्पताल, प्राथमिक उपचार केंद्र तथा निजी डॉक्टरों का नेटवर्क उपलब्ध है. जिन संस्थानों में 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं और जिनका वेतन 21 हजार रुपये से कम है, ऐसे कर्मचारियों को इस योजना का लाभ दिया जाता है. अब तक इस योजना में निजी, अर्ध-सरकारी या ट्रस्ट संचालित स्वास्थ्य संस्थानों तथा शैक्षणिक संस्थानों के कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया था. लेकिन नए श्रम कानून के सामाजिक सुरक्षा प्रावधान के बाद इन संस्थानों को भी योजना के दायरे में लाया गया है.
राज्य में इस योजना के अंतर्गत 17 अस्पताल, 272 प्राथमिक उपचार केंद्र और 300 से अधिक निजी डॉक्टर उपलब्ध हैं, जहां कर्मचारियों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा दी जाती है. छोटी बीमारी होने पर डॉक्टर से उपचार, गंभीर स्थिति में प्राथमिक उपचार केंद्र तथा आवश्यकता होने पर अस्पताल में भर्ती की सुविधा प्रदान की जाती है. अमरावती शहर में इस योजना के तहत विभिन्न क्षेत्रों में कई दवाखाने और निजी डॉक्टर भी इस योजना से जुड़े हुए हैं. कर्मचारियों को इन सुविधाओं की जानकारी एक छोटी पुस्तिका के माध्यम से दी जाती है. योजना से संबंधित वेबसाइट की जानकारी भी संस्थानों को भेजे गए पत्र में दी गई है. अधिक जानकारी के लिए संस्थानों को स्थानीय विभागीय कार्यालय से संपर्क करने का आग्रह किया गया है.
इस निर्णय का स्वागत करते हुए ईएसआईसी विभाग की वैद्यकीय प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. उज्वला मालवे ने कहा कि राज्य की लगभग दो लाख आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को भी इस योजना में शामिल किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला और बच्चों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी संभालने वाली इन कर्मचारियों को अभी तक किसी प्रकार की स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध नहीं है. इसलिए उन्हें भी इस योजना का लाभ दिया जाना चाहिए.
* नए परिपत्रक में क्या है उल्लेख?
केंद्र सरकार के नए परिपत्रक के अनुसार नई श्रम संहिता की पार्श्वभूमि पर शिक्षा संस्था व अस्पताल के कर्मचारियों को ईसएसआईसी में शामिल करने से संबंधित पहले जारी आदेश को रद्द कर दिया गया है. साथ ही आगामी मार्गदर्शक निर्देश आने तक उस आदेश पर अमल नहीं करने की बात भी कही गई है.
* नई श्रम संहिता के चलते पुराने कामगार कानून रद्द
केंद्र सरकार ने कामगार कानूनों का एकत्रिकरण करते हुए नई श्रम संहिता को लागू करने का निर्णय लिया है. इस प्रक्रिया के चलते कई पुराने कामगार कानून रद्द अथवा संशोधित किए जा रहे है.
* योजना में मिलनेवाले लाभ
ईसएसआईसी योजना के तहत कार्डधारक व्यक्ति व उसके परिजनों को निशुल्क वैद्यकीय उपचार, अस्पताल में भर्ती की सुविधा, दवाईयों का खर्च, प्रसुति व मातृत्व लाभ, हादसे या बीमारी में आर्थिक मदद जैसी विभिन्न सेवाओं व सुविधाओं का लाभ मिलता था.
* लाखों कर्मचारियों के वंचित रहने का खतरा
सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के चलते शिक्षा संस्थाओं व अस्पतालों में कार्यरत हजारों-लाखों कर्मचारियों के इस योजना से वंचित रहने का खतरा बन गया है. विशेष रुप से कम वेतन पर काम करनेवाले कर्मचारियों पर इसका काफी बडा परिणाम होने की बात विशेषज्ञों द्वारा कही गई है.





