झूठा नक्शा, झूठे हस्ताक्षर और मनपा को चूना

इंजिनीयर और बिल्डर नामजद

* निर्माणाधीन बिल्डिंग का काम रुकवाया गया
अमरावती/दि.2– महापालिका नगर रचना विभाग से धोखा कर जाली निर्माण अनुमति आदेश और नक्शा मंजूर किये जाने के झूठे कागजात प्रस्तुत कर शासन का लाखो रुपए का राजस्व डूबाने का धक्कादायक मामला उजागर हुआ है. गाडगे नगर पुलिस ने महापालिका के अभियंता की शिकायत पर तुरंत प्लाट धारक प्रदीप छुकाराम खत्री (कैम्प) और निजी अभियंता अब्दूल सूफियान अब्दूल रउफ के विरुद्ध धोखाधडी का केस दर्ज किया है. घटना उजागर होने से शहर में खलबली मची है.
महापालिका के नगर रचना विभाग के अभियंता हेमंत महाजन ने एफआईआर दर्ज कराई है. उनकी शिकायत के अनुसार मौजे कैम्प के सीट क्रमांक 42, प्लॉट क्रमांक 2, नझूल प्लॉट क्रमांक 10 जगह पर संशोधित निर्माण अनुमति के लिए प्रदीप खत्री ने विगत 17 अगस्त 2024 को बीपीएमएस प्रणाली अंतर्गत आवेदन किया था. आवेदन की तकनीकी जांच कर 29 जनवरी 2025 को तकनीकी मान्यता दी गई. इसके बाद संबंधित विभाग के पास विकास शुल्क का भुगतान करना आवश्यक था. किंतु खत्री ने भुगतान न करते हुए प्लॉट पर निर्माण शुरु कर दिया. इससे शासन के 24 लाख 66 हजार रुपए का फ्रॉड किये जाने की शिकायत थाने में दी गई है.
* ऐसे हुआ उजागर
अनधिकृत निर्माण शुरु रहने का पता चलते ही एडीटीपी सागर वानखडे के हस्ताक्षर से नगर रचना विभाग ने प्रदीप खत्री को नोटिस भेजी थी. उन्हें निर्माण अनुमति और मंजूर नक्शा पेश करने कहा गया था. प्रदीप खत्री ने गत 25 दिसंबर 2025 को महापालिका में आवेदन किया. इस आवेदन के साथ उन्होंने निर्माण के अनुमति का आदेश और मंजूर नक्शा जोडा था. यह सभी नक्शे और कागजात उनके इंजिनीयर अब्दूल सूफियान ने तैयार कर महापालिका से प्राप्त किये थे.
किंतु अधिकारियों द्वारा बीपीएमएस प्रणाली पर जांच करते ही संबंधित शुल्क का भुगतान अब तक नहीं होने का पता चला. अर्थात प्रदीप खत्री द्वारा प्रस्तुत निर्माण अनुमति आदेश और मंजूर नक्शे पूर्ण रुप से जाली और झूठे रहे.तुरंत अधिकारियों ने थाने की राह ली.

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