बडे-बडे दिग्गज दावेदारों की किस्मत हुई ईवीएम में बंद, कल होगा भाग्य का फैसला

कई सूरमा पहले भी एक से अधिक बार रह चुके है मनपा में पार्षद, कुछ के नाम पर अलग-अलग रिकॉर्ड भी

अमरावती/दि.15 – करीब 9 वर्षों के लंबे अंतराल व इंतजार के बाद आज गुरुवार 15 जनवरी को आखिरकार अमरावती महानगर पालिका का चुनाव हो ही गया तथा सुबह 7.30 से शाम 5.30 बजे तक चली मतदान की प्रक्रिया के जरिए मनपा के 22 प्रभागों में 87 सीटों से पार्षद पद हेतु चुनाव लड रहे 661 प्रत्याशियों की दावेदारी का भविष्य ईवीएम में कैद हो गया और अब इन सभी प्रत्याशियों की किस्मत का ताला कुल शुक्रवार 16 जनवरी को होनेवाली मतगणना के समय खुलेगा और मतगणना का काम पूरा होने के बाद चुनावी नतीजे सामने आते ही सभी दावेदारों की राजनीतिक भविष्य का फैसला भी स्पष्ट हो जाएगा. खास बात यह है कि, इस बार मनपा के चुनावी अखाडे में उतरे राजनीतिक सुरमाओं में से कई ऐसे सूरमा भी रहे, जो इससे पहले भी एक से अधिक बार मनपा का चुनावी मैदान मारते हुए बाजी अपने नाम कर चुके है. जिसमें से कुछ सुरमाओं ने अपने नाम पर कई रिकॉर्ड भी बनाए है.
उल्लेखनीय है कि, अमरावती महानगर पालिका का पहला आम चुनाव सन 1992 में हुआ था और तब से लेकर अब तक कुल 6 बार मनपा के आम चुनाव हो चुके है. खास बात यह है कि, इस समय मनपा के चुनावी मैदान में कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी रहनेवाले पूर्व महापौर विलास इंगोले मनपा के पहले सदन में पार्षद निर्वाचित होकर पहुंचे थे और वे लगातार 6 बार पार्षद निर्वाचित होने के साथ ही 7 वीं बार चुनावी मैदान में है. इस समय मनपा के चुनाव में हिस्सा ले रहे तमाम प्रत्याशियों में पूर्व महापौर विलास इंगले ही एकमात्र ऐसे प्रत्याशी है, जिन्होंने अब तक हुए मनपा के सभी 6 चुनाव में हिस्सा लिया और वे लगातार 6 बार मनपा का चुनाव जीतकर पार्षद निर्वाचित हुए. साथ ही साथ उनके नाम सर्वाधिक तीन वर्ष तक मनपा में महापौर बने रहने का भी रिकॉर्ड है. ऐसे में अब 7 वीं बार चुनावी अखाडे में उतरे पूर्व महापौर विलास इंगोली की दावेदारी की ओर सभी का ध्यान लगा हुआ है.
इसी तरह उपमहापौर संध्या टिकले, राजापेठ क्षेत्र के पूर्व पार्षद प्रशांत वानखडे तथा बडनेरा क्षेत्र के पूर्व पार्षद प्रकाश बनसोड भी इस चुनाव में अलग-अलग दलो की ओर से दावेदार है, जो इससे पहले लगातार पांच-पांच बार मनपा के सदन का हिस्सा रह चुके है. जो अब जीत का ‘सुपर सिक्सर’ लगाने के लिए पूरी तरह से बेताब है. इसके अलावा इस समय मनपा के चुनावी मैदान में कई ऐसे दिग्गज दावेदार है, जो इससे पहले भी एक से अधिक बार मनपा के सदन का हिस्सा रह चुके है और उसमें से कुछ ने विविध पदों पर भी निर्वाचित होकर काम किया. ऐसे प्रत्याशियों में पूर्व महापौर संजय नरवणे, पूर्व उपमहापौर शेख जफर शेख जब्बार, पूर्व स्थायी समिति सभापति बालू भुयार, तुषार भारतीय, चेतन पवार, अविनाश मार्डीकर, राधा कुरील सहित कांचन ग्रेसपुंजे, सुनील काले, धीरज हिवसे, बंडू हिवसे, बबलू शेखावत, आसीफ तवक्कल, प्रशांत डवरे, रतन पहलवान डेंडूले, राजेश साहू पड्डा, सपना ठाकुर, भारत चौधरी, नूतन भुजाडे, राजेंद्र तायडे, राजेंद्र महल्ले जैसे कुछ अन्य पूर्व पार्षदों का भी समावेश है. इसमें से कई पूर्व पार्षदों को इस बार भी मनपा के चुनाव में जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा है और इन सभी पूर्व पार्षदों ने भी अपने-अपने प्रभागों में अपनी जीत के लिए जबरदस्त तरीके से अपनी ताकत को झोंका है. लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में असली ताकत और फैसले का अधिकार मतदाता रहनेवाली आम जनता के पास रहता है. ऐसे में आज हुई मतदान की प्रक्रिया के जरिए अमरावती शहर की जनता ने एक तरह से अपने फैसले को ईवीएम मशीनों में बंद कर दिया है और अब इस फैसले का खुलासा कल 16 जनवरी को होने जा रही मतगणना के जरिए होगा. जिसकी ओर सभी का ध्यान लगा हुआ है.

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