विधायक राणे के खिलाफ एफआईआर दर्ज
भाजपा कार्यकर्ता के घर स्टिंग ऑपरेशन करना पड़ा

* चोरी के उद्देश्य से घर में घुसने का दर्ज हुआ मामला
मालवण/दि.29 – मालवण नगरपरिषद चुनाव में जोरदार संघर्ष के बीच बड़ा मोड़ देखने को मिला है. भाजपा नगरपरिषद जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है, लेकिन इसी बीच शिवसेना (शिंदे गट) के विधायक निलेश राणे ने भाजपा की ही मुश्किलें बढ़ा दी हैं. गुरुवार को निलेश राणे अपने समर्थकों के साथ भाजपा पदाधिकारी विजय केनवडेकर के घर अचानक पहुंच गए, जहां उन्हें कथित तौर पर बड़ी मात्रा में नकदी से भरी बैग मिली. यह वीडियो सामने आते ही हड़कंप मच गया. नकदी बरामदगी के बाद राजनीतिक हलके में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए, लेकिन अब मामला पलट गया है. स्टिंग कार्रवाई करने वाले विधायक निलेश राणे के खिलाफ ही पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है.
* ग़ैरक़ानूनी तरीके से घर में घुसने के आरोप में मामला दर्ज
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भाजपा पदाधिकारी विजय केनवडेकर ने मालवण पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि निलेश राणे और उनके साथियों ने उनके घर में अवैध रूप से प्रवेश किया. शिकायत के आधार पर पुलिस ने राणे और चार अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. जिसके तहत बीएनएस की धारा 189 (1), 189(2), 329(4), 356(2) के तहत गैरकानूनी तरीके से भीड जमा करते हुए सार्वजनिक शांति भंग करने, चोरी के उद्देश्य से किसी के घर में प्रवेश करने व मानहानि करने का मामला दर्ज किया गया है. इस कार्रवाई के बाद चुनावी माहौल और गर्म हो गया है.
बता दें कि, जिस घर में नकदी बरामद हुई, उसके मालिक विजय केनवडेकर भाजपा के स्थानीय पदाधिकारी हैं. जिनके घर में घुसने के बाद राणे ने मीडिया को दिखाते हुए प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के साथ केनवडेकर की फोटो भी साझा की और स्थानीय पुलिस व निर्वाचन अधिकारियों को तत्काल सूचना देने का दावा किया था. साथ ही विधायक नीलेश राणे ने आरोप लगाया था कि, यह तो सामने आया पैसा है. घर में और भी बैग हैं. सिर्फ यही नहीं, मालवण में 8-10 घरों में 25 से 50 लाख रुपये रखे गए हैं. पैसे बांटकर चुनाव जीतने की तैयारी चल रही है.
वहीं दूसरी ओर भाजपा कार्यकर्ताओं में हलचल मच गई है. राणे द्वारा दिखाए गए वीडियो में 500 के नोटों की गड्डियों से भरी बैग नजर आई थी, जिसे देखकर राणे ने दावा किया कि चुनाव में धन वितरण के लिए नकदी जमा की गई है. नकद बरामदगी का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक बवाल मचा हुआ था, लेकिन अब पुलिस द्वारा निलेश राणे पर ही मामला दर्ज किए जाने के बाद समीकरण बदलते दिखाई दे रहे हैं. विपक्ष इसे भाजप की अंदरूनी गुटबाजी बता रहा है, जबकि भाजपा राणे के आरोपों को आधारहीन करार दे रही है. नगर परिषद चुनावों के बीच यह प्रकरण चुनावी नतीजों को किस दिशा में प्रभावित करेगा, यह देखने वाली बात होगी.





