मत्स्य विज्ञान कॉलेज भवन का टेंडर ऐन समय पर रद्द

विद्यापीठ ने नहीं कहा टेंडर रद्द करने

* माफसू इंजीनियर आरिफ शेख का कहना
* 106 करोड की लागत से मोर्शी में बननेवाली थी बिल्डिंग
अमरावती/ दि. 14- मोर्शी में मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय के नये भवन का पिछले वर्ष मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के हस्ते शिलान्यास होने के बावजूद गुरूवार को निर्माण कार्य का 106 करोड का टेंडर अचानक रद्द कर दिए जाने के विषय में नागपुर स्थित माफसू के इंजीनियर ने स्पष्ट किया कि हमने टेेंडर रद्द करने नहीं कहा था. केवल ग्रीन बिल्डिंग की शर्त जोडने की बात रह गई थी. उसे पूर्ण करने की संभावना देखने और हो सके तो टेंडरविविमें वह शर्त जोड लेने कहा गया था. लोनिवि ने टेंडर ही रद्द कर दिया. जानकारों की माने तो प्रस्तावित भवन के ग्रीन बिल्डिंग प्लेटीनम की श्रेणी बाद में भी बंधनकारक की जा सकती थी. यही बात आज अमरावती मंडल से चर्चा करते हुए माफसू अभियंता आरिफ शेख ने कही. उल्लेखनीय है कि गुरूवार को आनन- फानन में टेंडर रद्द किए जाने से भवन के लिए लाया गया फंड लैप्स होने की आशंका पैदा हो गई है.
अगस्त में भूमिपूजन हुआ था
मोर्शी पालिका के इलेक्शन देखते हुए गत 3 अगस्त को मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के हस्ते मत्स्य विज्ञान कॉलेज के नये भवन का भूमिपूजन बडे गाजे बाजे से करवाया गया था. मोर्शी वासी खुश हो गये थे. शहर में शानदार कॉलेज भवन बनने की आस जागी थी. मत्स्य विज्ञान कॉलेज के छात्र- छात्राओं में भी प्रसन्नता थी. इस क्षेत्र की ओर विद्यार्थियों का रूझान बढने की आशाए बताई जा रही थी. सूत्रों की माने तो नागपुर संभाग मुख्य अभियंता ने नये भवन का डिजाइन ड्राइंग, नक्शा तैयार कर लिया था. उसे स्वीकृति के लिए मुंबई भेजा गया था. वह भी प्राप्त हो गई थी.
विवि का पत्र और टेंडर कैंसल
शासन के लोकनिर्माण विभाग ने 106 करोड की कॉलेज इमारत के लिए गत 6 जनवरी को टेंडर नोटिस प्रकाशित किया. कार्यकारी अभियंता प्रतीक गिरी द्बारा जारी टेंडर नोटिस की प्रोसेस बीड अवधि 10 फरवरी को पूर्ण हुई थी. नियमानुसार 21 दिनों का समय पूर्ण हो गया था. 11 फरवरी को अचानक नागपुर स्थित मत्स्य विज्ञान विवि के विद्यापीठ अभियंता का पत्र लोनिवि के उपरोक्त कार्यकारी अभियंता को प्राप्त हुआ. ऐसे में आज इंजीनियर आरिफ शेख ने खुलासा किया कि उन्होंने लोनिवि अधिकारियों से फोन पर बात की थी. उसमें भी कहा था कि संभव हो तो ग्रीन बिल्डिंग की शर्त जोडी जाए. उन्होंने यह स्पष्ट कह दिया था कि नहीं तो बाद में भी यह प्रक्रिया पूर्ण करवाई जा सकती है.
लोनिवि ने कर दिया टेंडर कैंसल
माफसू द्बारा मात्र ग्रीन बिल्डिंग की शर्त जोडे जाने का पत्र देने पर भी लोकनिर्माण विभाग ने एकाएक टेंडर ही कैंसल कर देने से अब मामला काफी कुछ गडबड कहा जा रहा है. नागपुर स्थित मत्स्य विज्ञान विवि ने लोनिवि को जो पत्र भेजा है. उसमें ग्रीन बिल्डिंग प्लेटीनम की शर्त जोडी गई है. जबकि जानकारों का कहना है कि यह काम आगे भी सहजता से हो जाता. इसी आधार पर टेंडर समय पर रद्द करने के पीछे के कारणों को लेकर आशंका जताई जा रही है. खासकर टाइमिंग को लेकर ही सवाल उपस्थित किए जा रहे हैं.

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