मनपा चुनाव हेतु सभी दलों ने बडे-बडे नेताओं को उतारा चुनावी मैदान में

सभी राजनीतिक दल कर रहे धुआंधार प्रचार, हाईप्रोफाईल हुआ मनपा चुनाव

* मतदाताओं को आकर्षित करने हेतु सभा, कार्यक्रम व बैठकों का आयोजन
अमरावती/दि.8 – महानगर पालिका के चुनाव में अब प्रचार की तीव्रता दिनोंदिन बढती जा रही है. जिसके चलते राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों तथा स्थानीय पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ ही अब बडे-बडे नेता भी चुनावी मैदान में उतर चुके है. उल्लेखनीय है कि, आगामी 15 जनवरी को मतदान कराया जाना है. इसके चलते 13 जनवरी की शाम प्रत्यक्ष प्रचार का समय समाप्त हो जाएगा. ऐसे में अब चुनाव प्रचार खत्म होने में बेहद सीमित समय ही बचा हुआ है. जिसका भरपूर लाभ लेने हेतु और मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने हेतु सभी राजनीतिक दलों द्वारा सभा, कार्यक्रम व बैठकों का जमकर आयोजन किया जा रहा है.
ज्ञात रहे कि, मनपा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा प्रत्याशियों के प्रचार हेतु विगत रविवार को ही अमरावती में सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भव्य रोड-शो किया और उसी दिन अमरावती में एमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद असदउद्दीन ओवैसी की एकेडेमिक ग्राउंड पर भव्य जनसभा हुई. जिसके उपरांत गत रोज जहां एक ओर शिंदे गुट वाली शिवसेना के पार्टी प्रमुख व उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अमरावती में प्रचार सभा आयोजित की गई. वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता व राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विभिन्न प्रभागों का दौरा करते हुए प्रभागनिहाय स्तर पर आयोजित जनसभाओं को संबोधित किया. साथ ही गत रोज कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल भी अमरावती के दौरे पर थे. जिन्होंने कांग्रेस प्रत्याशियों के प्रचार की रणनीति का जायजा लेते हुए नियोजन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए. वहीं आज अमरावती में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की जनसभा आयोजित की गई और अब कल अजीत पवार गुट वाली राकांपा के मुखिया व राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के प्रचार हेतु अमरावती पहुंचकर गाडगे नगर परिसर में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे. ऐसे में कहा जा सकता है कि, आगामी महानगरपालिका चुनाव को लेकर शहर की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है. सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार का धुरंधर अभियान शुरू कर दिया है. प्रचार की धार को तेज करने के लिए अब स्थानीय नेताओं के साथ-साथ प्रदेश और राज्य स्तर के दिग्गज नेता भी मैदान में उतर चुके हैं. साथ ही मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए राजनीतिक दलों द्वारा सभा, जनसंवाद कार्यक्रम, नुक्कड़ बैठकें, प्रभागवार दौरे और कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं. हर दल विकास कार्यों के दावे और विरोधियों की विफलताओं को मुद्दा बनाकर जनता के बीच पहुंचने की कोशिश कर रहा है.
* बड़े नेताओं की मौजूदगी से बढ़ी चुनावी सरगर्मी
पिछले कुछ दिनों में शहर में विभिन्न दलों के बड़े नेताओं की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे चुनावी माहौल और अधिक गर्मा गया है. नेताओं के दौरों के चलते कार्यकर्ताओं में जोश देखा जा रहा है और प्रचार में तेजी आई है. राजनीतिक दलों ने रणनीति के तहत हर प्रभाग में अलग-अलग बैठकें आयोजित कर स्थानीय मुद्दों को उठाना शुरू कर दिया है. सड़क, पानी, सफाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे विषयों को प्रमुखता से रखा जा रहा है. साथ ही, घर-घर संपर्क अभियान और सोशल मीडिया प्रचार पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है.
* आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज
जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होता जा रहा है. सत्ताधारी और विपक्षी दल एक-दूसरे पर विकास कार्यों में विफलता और जनता की उपेक्षा के आरोप लगा रहे हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का मनपा चुनाव काफी रोचक और कांटे का मुकाबला होने वाला है. सभी दल मतदाताओं को लुभाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते, इसी कारण प्रचार अभियान दिन-ब-दिन और आक्रामक होता जा रहा है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि तीव्र प्रचार, बड़े नेताओं की मौजूदगी और चुनावी वादों का असर मतदाताओं पर कितना पड़ता है और किस दल को जनता का भरोसा हासिल होता है.

Back to top button