पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता फिर शिवसेना में!

डेप्युटी सीएम एकनाथ शिंदे एअरपोर्ट से सीधे गुप्ता से मिलने सिपना कॉलेज पहुंचे

* मनपा चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर नाराजगी के बाद गुप्ता ने खुद को पार्टी से किया था अलग
* पूर्व मंत्री को मनाने अब खुद पार्टी प्रमुख व डेप्युटी सीएम शिंदे ने की पहल
* डेप्युटी सीएम शिंदे के शब्दों का मान रखकर गुप्ता ने पार्टी में वापिस लौटने का किया फैसला
* नेहरु मैदान पर हुई डेप्युटी सीएम शिंदे की जनसभा में भी पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता हुए शामिल
अमरावती/दि.7 – मनपा चुनाव से पहले शिवसेना को बड़ी राजनीतिक राहत मिली है. टिकट बंटवारे को लेकर नाराज होकर पार्टी से अलग हुए पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता एक बार फिर शिवसेना में लौट आए हैं. उनकी वापसी को लेकर खुद पार्टी प्रमुख एवं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पहल करते हुए अमरावती में उनसे मुलाकात की. जानकारी के अनुसार, मुंबई से अमरावती आगमन के बाद उपमुख्यमंत्री शिंदे एयरपोर्ट से सीधे सिपना कॉलेज पहुंचे, जहाँ उन्होंने पूर्व मंत्री गुप्ता से लंबी चर्चा की. जिसके तुरंत बाद गुप्ता की शिवसेना में वापसी सार्वजनिक हुई. मुलाकात के पश्चात जगदीश गुप्ता शिवसेना की सभा में भी शामिल हुए, जिससे उनकी वापसी पर लगी सभी अटकलों पर पूर्ण विराम लग गया. मंच पर उनकी मौजूदगी को कार्यकर्ताओं में उत्साह और संगठनात्मक एकजुटता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
गौरतलब है कि आगामी महानगरपालिका चुनाव में टिकट वितरण को लेकर उपेक्षा और असंतोष के चलते जगदीश गुप्ता ने कुछ समय पहले स्वयं को पार्टी गतिविधियों से अलग कर लिया था. उनके इस फैसले से शिवसेना के स्थानीय संगठन को झटका लगा था, क्योंकि गुप्ता का अमरावती की राजनीति में मजबूत जनाधार माना जाता है. सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व ने गुप्ता की नाराजगी को गंभीरता से लेते हुए सीधे संवाद का रास्ता अपनाया. उपमुख्यमंत्री शिंदे द्वारा व्यक्तिगत रूप से की गई यह पहल न केवल गुप्ता को मनाने का प्रयास मानी जा रही है, बल्कि इसे मनपा चुनाव से पहले संगठन को एकजुट करने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जगदीश गुप्ता की शिवसेना में वापसी से पार्टी को अमरावती में चुनावी मजबूती मिलेगी और विरोधियों की रणनीतियों को भी झटका लगेगा.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि, मुंबई से अमरावती पहुंचते ही उपमुख्यमंत्री शिंदे का एयरपोर्ट से सीधे सिपना कॉलेज जाना, औपचारिकता से परे एक स्पष्ट राजनीतिक संकेत माना जा रहा है. यह पहल केवल एक नेता को मनाने तक सीमित नहीं, बल्कि आगामी मनपा चुनाव में पार्टी की रणनीति, आंतरिक अनुशासन और शक्ति प्रदर्शन का हिस्सा मानी जा रही है.
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, भाजपा छोडकर शिंदे गुट वाली शिवसेना में आए पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता जैसे कद्दावर नेता का पार्टी से दूरी बनाना अचानक लिया गया फैसला नहीं था. मनपा चुनाव में टिकट वितरण के दौरान स्थानीय नेतृत्व की अनदेखी और समर्थकों की उपेक्षा ने असंतोष को जन्म दिया. गुप्ता का जनाधार और संगठन पर पकड़ ऐसी है कि उनकी नाराजगी का सीधा असर शिवसेना के जमीनी कार्यकर्ताओं पर पड़ सकता था. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि गुप्ता जैसे वरिष्ठ नेता की नाराजगी लंबी खिंचती, तो इसका फायदा विरोधी दलों को मिल सकता था. इसी आशंका को भांपते हुए पार्टी प्रमुख शिंदे ने खुद संवाद का जिम्मा संभाला. यह कदम यह भी दर्शाता है कि शिंदे गुट अब ‘टॉप-डाउन कंट्रोल’ के साथ-साथ स्थानीय संतुलन पर भी ध्यान दे रहा है. इस घटनाक्रम से पार्टी के भीतर स्पष्ट संदेश गया है कि वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी अब जोखिम भरा सौदा हो सकता है. चुनाव से पहले असंतोष को सुलझाने में देरी पार्टी को नुकसान पहुँचा सकती है.
कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि, जगदीश गुप्ता की वापसी से शिवसेना को न सिर्फ चुनावी मजबूती मिलेगी, बल्कि यह कदम उन नाराज पदाधिकारियों और संभावित बागियों के लिए भी संकेत है कि बातचीत के दरवाजे खुले हैं. वहीं विपक्ष के लिए यह घटनाक्रम एक झटका माना जा रहा है, क्योंकि वे गुप्ता की नाराजगी को अपने पक्ष में भुनाने की तैयारी में थे. कुल मिलाकर, जगदीश गुप्ता की घरवापसी सिर्फ एक नेता की वापसी नहीं, बल्कि शिवसेना की चुनावी रणनीति का अहम अध्याय है. मनपा चुनाव से पहले शिंदे का यह दांव संगठन को एकजुट करने के साथ-साथ राजनीतिक संदेश देने में सफल होता दिख रहा है.


* शिंदे साहेब के शब्दों को सम्मान देते हुए शिवसेना में लौटा हूँ
* पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता ने की ‘घरवापसी’ की पुष्टि
पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता ने शिवसेना में वापसी को लेकर ‘अमरावती मंडल’ के साथ विशेष तौर पर बातचीत करते हुए कहा कि, उन्होंने यह निर्णय पार्टी प्रमुख एवं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के शब्दों और आश्वासन को सम्मान देते हुए लिया है. जगदीश गुप्ता ने कहा कि एकनाथ शिंदे ने मुझसे जो संवाद किया, उनके शब्दों और भावनाओं को सम्मान देते हुए मैं पुनः शिवसेना में लौट आया हूँ. संगठन और कार्यकर्ताओं की भावना मेरे लिए सर्वोपरि है.

* लप्पी जाजोदिया की रही महत्वपूर्ण भूमिका
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता को एक बार फिर शिंदे गुट वाली शिवसेना में वापिस लाने के लिए वरिष्ठ समाजसेवी चंद्रकुमार उर्फ लप्पी जाजोदिया तथा उद्योजक किशोर गोयनका की भूमिका को काफी महत्वपूर्ण कहा जा सकता है. लप्पी जाजोदिया के डेप्युटी सीएम शिंदे के साथ बेहद करीबी और घनिष्ट संबंध है. साथ ही साथ लप्पी जाजोदिया की पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता के साथ भी अच्छी-खासी घनिष्टता है. इसके चलते लप्पी जाजोदिया ने किशोर गोयनका के साथ मिलकर डेप्युटी सीएम शिंदे व पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता के बीच संवाद सेतु की भूमिका प्रभावी ढंग से निभाई. मनपा चुनाव के लिए टिकट बंटवारे की प्रक्रिया से नाराज होकर जब पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता ने खुद को शिंदे गुट वाली शिवसेना से अलग कर लिया था, तो उस समय भी लप्पी जाजोदिया ने उन्हें समझाने-बुझाने का प्रयास किया था. इसके अलावा जैसे ही डेप्युटी सीएम शिंदे का मनपा चुनाव में प्रचार हेतु अमरावती दौरा तय हुआ, तो जाजोदिया ने कल पूरा दिन दौडभाग करते हुए गुप्ता को शिंदे से मुलाकात हेतु राजी किया और लगभग पूरी रात जागकर काटते हुए डेप्युटी सीएम शिंदे के अधिकारिक दौरे में सिपना कॉलेज की सदिच्छा भेंट को भी जुडवाया. जिसके बाद आज अमरावती पहुंचते ही डेप्युटी सीएम शिंदे सबसे पहले सिपना कॉलेज पहुंचे. जहां पर उनकी पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता के साथ करीब 15 मिनट तक बंद द्वार चर्चा हुई. जिसके उपरांत जगदीश गुप्ता ने शिंदे गुट वाली शिवसेना में वापसी करते हुए डेप्युटी सीएम शिंदे के साथ जनसभा में हिस्सा भी लिया.

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