पूर्व सैनिक डॉ. दिनेश सुरोसे का सत्कार

नि:स्वार्थ भाव से सेवा करने पर जिलाधिकारी ने किया सम्मानित

अमरावती/ दि. 31 -देश की सीमा पर अपनी सेवा देने के पश्चात सामान्य जीवन में नि:स्वार्थ सेवा व आदर्श स्थापित करने का जीता जागता उदाहरण है. पूर्व सैनिक डॉ.् दिनेश सुरोसे ने सेना से निवृत्त होने के बाद एमपीएससी लिपिक और ऑर्डरन्स फैक्टरी में सुपर वाइजर सहित 6 शासकीय नौकरियों को नकार कर सिर्फ विद्यार्थियों के कल्याण के लिए कार्य किया. जिसमें उनका जिलाधिकारी आशीष येरेकर के हस्ते शाल व पुष्पगुच्छ प्रदान कर सत्कार किया गया.
डॉ. दिनेश सुरोसे के भारतीय सेना से निवृत्त होने के बाद में उनकी 6 शासकीय महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति की जा रही थी. जिसमें ऑर्डरन्स फैक्टरी में सुपरवायजर, रयत शिक्षण संस्था में शिक्षक/ प्राध्यापक, जल संपदा विभाग में निरीक्षक, स्वास्थ्य विभाग में स्वास्थ्य सेवक तथा पुरातत्व विभाग में अस्सिटंट आर्कीओलॉजिस्ट पद का समावेश था. इतना बडा अवसर उपलब्ध रहने के बाद भी नौकरी का त्यागकर श्री शिवाजी शिक्षण संस्था अंतर्गत श्री बेंडोजी बाबा कनिष्ठ महाविद्यालय घुईखेड में अत्यंत कम मानधन पर नियुक्त होने का निर्णय लिया.
डॉ. दिनेश सुरोसे के इस निर्णय से उन्हें 20 लाख रूपए का आर्थिक नुकसान हुआ. लेकिन डॉ. सुरोसे ने इस नुकसान को विद्यार्थियों की प्रगति के लिए हसते- हसते स्वीकार किया. डॉ. सुरोसे के इस नि:स्वार्थ कार्य की जानकारी जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मेजर आनंद पाथरकर को मिली. जिसमें उनकी अगुवाई में आयोजित कार्यक्रम में उनका जिलाधिकारी येरेकर के हस्ते सत्कार किया गया. इस अवसर पर फ्लाईट लेफ्टनेंट चरडे, श्री शिवाजी शिक्षण संस्था के सचिव डॉ. प्रमुख ठाकरे, राज्य उत्पादन शुल्क विभाग के अधीक्षक अधिकारी व जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

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