एक माह में चार बाघ की मौत

उच्च न्यायालय ने लिया गंभीरता से

नागपुर/दि.23 – राज्य में जनवरी से पहले कुछ दिनों में चार बाघों की मृत्यु हो गई हैं. 2025 में भी पहले माह में केवल 12 दिनों में 11 बाघ की मृत्यु हो गई थी. इसे मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने गंभीरता से लिया हैं. इस बाबत जनहित याचिका दायर करने के निर्देश दिए. इस प्रकरण में एड. चैतन्य ध्रुव की न्यायालयीन मित्र के रूप में नियुक्ति की गई हैं.
इस प्रकरण पर न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति राज वाकोडे के समक्ष सुनवार्ई हुई. राज्य में मनुष्य- वन्यजीव संघर्ष गंभीर हो गया हैं. वर्धा जिले के सेलू मुरपाड में 31 दिसंबर 2025 को मादा बाघ की मृत्यु होने की घटना उजागर हुई. एक बाघ की खेत के विद्युत तार के कंपाउंड में करंट लगने से मृत्यु हो गई थी और उसका शव पुल के नीचे नहर में फेंक दिया था. इस घटना को 13 दिन बीत गए लेकिन किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया. पश्चात 7 जनवरी को पेंच व्याघ्र प्रकल्प के तहत देवला पार परिसर में बाघ के 8 से 9 माह के दो शावकों की मृत्यु हो गई. प्रादेशिक वर्चस्व के लिए हुई लडाई में यह मृत्यु होने की बात संबंधित अधिकारियों ने दर्शाने का प्रयास किया. प्रत्यक्ष में इस घटना में इन दोनों शावकों की मृत्यु वाहन की टक्कर से होने की संभावना हैं. पश्चात 11 जनवरी को चंद्रपुर वनविभाग के पायली-भटाली परिसर में चिंचोली गांव के पास इरई नदी में दो साल का मादा बाघ मृतावस्था में दिखाई दिया. ताडोबा- अंधारी व्याघ्र प्रकल्प के निकट य परिसर में हैें. इस बाघ की भी मृत्यु 2 से 3 दिन पूर्व होने का अनुमान हैं. इस बात की अवैध रूप से लगाए गए विद्युत तार कंपाउंड का स्पर्श होने से मृत्यु हुई. पश्चात सबूत नष्ट करने के लिए शव इरई नदी में फेंक दिए जाने का संदेह व्यक्त किया जा रहा हैं. राष्ट्रीय व्याघ्र संवर्धन प्राधिकरण का एक कार्यालय नागपुर में रहते हुए भी बाघ की मृत्यु और उसके बाद जांच कार्य गंभीरता से नहीं लिया गया. उन्हें भी इन घटनाओंं की उचित जानकारी दी जाती है या प्राधिकरण गंभीर नहीं हैं, ऐसा सवाल इन घटनाओंं से होने लगा है. आगामी सुनवाई 18 मार्च को निश्चित की गई हैं.

* राज्य दूसरे नंबर पर
बाघ के मृत्यु दर में राज्य देश में दूसरे स्थान पर आ गया हैं. बाघ के हमले में मनुष्य की मृत्यु संख्या बढती रहते बाघ की मृत्यु संख्या भी बढ रही हैं. बाघ की मृत्यु में 2025 में महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर था. अब वर्तमान में भी पहले 12 दिनों में 4 बाघ की मृत्यु हुई हैं.

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