कैंसर का संपूर्ण उपचार फ्री करें
विधायक सुलभा खोडके की सदन में मांग

* मंत्री आबिटकर ने बताया- 10 दिनों की दवाईयां दी जाती है मुफ्त
मुंबई /दि.24 – विधायक सुलभा संजय खोडके ने राज्य के कैंसर मरीजों का संपूर्ण उपचार मुफ्त करने की मांग आज मुंबई विधानमंडल में उठायी. उन्होंने सरकार व सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि, कैंसर ऑपरेशन और थेरेपी के बाद भी दवाईयों की गरज होती है, जो राज्य सरकार द्वारा फ्री उपलब्ध करायी जानी चाहिए. उनकी डिमांड पर स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने सदन को बताया कि, कर्करोग के रुग्णों को अस्पताल से छूट्टी पश्चात 10 दिनों की दवाईयां देने का प्रावधान महात्मा फुले स्वास्थ्य योजना में किया गया है. उसी प्रकार आगे की दवाईयों के लिए भी आर्थिक मापदंड तय कर निर्णय किया जाएगा.
सुलभा खोडके ने सदन को बताया कि, अमरावती संभाग के सभी पांच जिलों के पीडित कैंसर के उपचार हेतु अब विभागीय संदर्भ सेवा अस्पताल में आने लगे है. वहां कैंसर यूनिट और किमोथेरेपी सुविधा उपलब्ध है. अस्पताल से डिस्चार्ज मिलने के बाद भी मरीजों को दवा की आवश्यकता होती है. महंगी दवाएं वे खरीदने में गरीब मरीज असमर्थ होते हैं. अत: संपूर्ण उपचार नि:शुल्क किये जाने की मांग विधायक खोडके ने रखी. उन्होंने बताया कि, सुपर स्पेशालिटी में कैंसर के रुग्णों को उपचार हेतु एडमिट रखने के लिए अलग से वार्ड बनाया जा रहा है. जिला नियोजन से 5 करोड रुपए मंजूर किये गये हैं. मरीजों को नियमित जांच हेतु बार-बार दवाईयां लेनी पडती है. यह दवाईयां नि:शुल्क कर देने का अनुरोध सुलभा खोडके ने सरकार से किया.
* दूध संघ करते हैं रेट तय
– सुलभा खोडके के प्रश्न पर मंत्री अतुल सावे का जवाब
विधायक सुलभा खोडके ने विधानमंडल में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में दूध के अलग-अलग दाम का मुद्दा भी उपस्थित कर समान दरें लागू करने कदम उठाने का अनुरोध किया. जिस पर मंत्री अतुल सावे ने बताया कि, दूध के रेट संबंधित संघ तय करते हैं. जिससे अलग-अलग रेट होते है. पहले सरकार दूध के दाम तय करती थी. विकेंद्रीकरण के तहत यह जिम्मा दूध संघों को दिया गया है. सुलभा खोडके ने प्रश्नोत्तर में दूधउत्पादक किसानों के विषय में चर्चा छेडी. उन्होंने शासन का अभिनंदन किया. सदन को बताया गया कि, दूध संघों ने सभी बकाया का भुगतान कर दिया है. उसी प्रकार दूध खरीदी 25 रुपए से बढाकर 35-38 रुपए प्रति लीटर हो रही है. इसके लिए भी विधायक खोडके ने सरकार का आभार माना. उन्होंने कहा कि, चारा, पानी, मजदूरी का खर्च बढ गया है और अलग-अलग जिले में दूध के खरीदी रेट असमान है. इसे समान किया जाना चाहिए. उचित नीति अपनानी चाहिए.
सुलभा खोडके के प्रश्नों का उत्तर देते हुए मंत्री अतुल सावे ने सदन को बताया कि, गत तीन वर्षों में पशु आहार के दामों में कोई बढोत्तरी नहीं हुई है. उसी प्रकार दूध उत्पादकों का अनुदान दे दिया गया है. सावे ने यह भी बताया कि, दूध के रेट अलग-अलग जिले के दूध संघ तय करते हैं.